ग्राहको को सुविधा के नाम पर छल रहे बैंक, गड्ढों में भरे पानी व कीचड़ के बीच आने-जाने को मजबूर

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Baikunthpur @ Tahkikat News

रिमझिम बरसात सावन हो अथवा आग उगलती गर्मी का महीना। सर्विस चार्जेस देने वाले उपभोक्ता अगर बैंक के अपने कानून के मुताबिक समय पर नहीं हैं तो खुले आसमान के नीचे ही गेटों पर लगाए गए ताले खुलने का इंतजार करते हैं। बैंकों की तरफ से लंच को लेकर अपने खुद के टाइम निर्धारित कर लिए गए हैं । गेटों पर लटकने वाले यही ताले के साथ साथ वर्तमान में आईसीआईसीआई व एक्सिस बैंको के आगे बारसात का पानी उपभोक्ताओं की परेशानी की बड़ी वजह बन रहे हैं। आईसीआईसीआई बैकं के सामने उपभोक्ताओ को पानी से चल कर जाना पडता है तो एक्सिस बैंक की हालत और और खराब नजर आ रही है। एक्सिस बैंक की बैकुन्ठपुर शाखा के सामने बरसात की काई जानलेवा बनी हुई है हालत तो यह है कि आने जाने वालो को हमेशा ही दूर्घटना का संभावना सताते रहती है। इन दोनो बैंको के प्रबंधन को लेकर उपभोक्ताओ में गहरी नाराजगी नजर आ रही है किन्तु उपभोक्ताओ का कहना है कि बैंक की शाखा में जाना हमारी मजबूरी है। इसलिए बाधाओ के बावजूद हमें शाखा में जाना पडता है।

बैंक के लंच के समय में ग्राहक बारिष में खडा रहने को मजबूर

बैंकुन्ठपुर की अधिकांश बैंको के सामने शेड नही होने के कारण बैंक की शाखाओं में दोपहर के समय लंच टाइम घोषित कर दिया जाता है जिससे बरसात में उपभोक्ता भीगने को विवश होते है। उसके साथ ही बैंक के प्रवेश द्वार पर लगे कैंची गेट को भी ताला लगाकर बंद कर दिया जाता है। इस लंच टाइम के दौरान बैंक आने वाले उपभोक्ताओं को बैंक के अंदर प्रवेश नहीं करने दिया जाता है और उन्हें तब तक बाहर ही खड़ा रखा जाता है, जब तक संबंधित ब्रांच के अधिकारी एवं मुलाजिम लंच से निवृत्त नहीं हो जाते। प्रतिस्पर्धा के दौर में यह बात देखी जा सकती है कि अमूमन कुछ राष्ट्रीयकृत बैंकों की शाखाओं में ही लंच टाइम के नाम पर उपभोक्ताओं को बैंक परिसर से बाहर रखा जा रहा है। निजी बैंक सुबह 9.30 बजे से अपनी रूटीन की वर्किग स्टार्ट कर रहे हैं, जहां शाम 4 बजे तक और कुछ बैंकों में तो शाम 6 बजे तक बिना किसी रुकावट के कामकाज जारी रहता है।

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