विधानसभा अध्यक्ष डॉ. महंत ने मनेंद्रगढ़ में किया वन अधिकार पत्र व जाति प्रमाण पत्र का वितरण
Baikunthpur @ Tahkikat News
व्यक्तिगत और सामुदायिक वन अधिकार मान्यता पत्र मिलने से वन
ग्रामों में निवास
करने वाले वनवासी निश्चिंत होकर रहने लगे हैं। इनकी प्रगति के द्वार भी खुल गए हैं।
उक्त बातें छत्तीसगढ़ विधानसभा अध्यक्ष डॉ. चरणदास महंत ने शनिवार को सांस्कृतिक भवन
मनेन्द्रगढ़ में व्यक्तिगत और सामुदायिक वन अधिकार पत्र वितरण के दौरान
कही। उन्होंने कहा कि
राज्य शासन द्वारा कई पीढ़ी या वर्षों से काबिज भूमि पर वन अधिकार मान्यता
पत्र दिए जाने के
साथ ही लाभान्वित हितग्राहियों को शासन की अनेक योजनाओं का लाभ देकर
आत्मनिर्भर बनाने
का अवसर भी दिया जाता है। इस अवसर पर विधानसभा अध्यक्ष ने जिला खनिज संस्थान न्यास
से स्वीकृत मनेंद्रगढ़ नगर पालिका क्षेत्रांतर्गत निर्मित 51 लाख 60 हजार
की लागत से बने 8
आंगनबाड़ी केंद्रों का लोकार्पण कर सरकार की महत्वाकांक्षी योजना अंतर्गत
987 छात्र-छात्राओं
को जाति प्रमाण पत्र, 15 शिशु प्रमाण पत्र, वन भूमि पर काबिज 112
व्यक्तियों को व्यक्तिगत वन
अधिकार पत्र, 11 पंचायतों को 21 सामुदायिक वन अधिकार पत्र तथा 450 व्यक्तिगत वन
अधिकार पत्र धारकों को ऋण पुस्तिका प्रदाय की। साथ ही जनहानि के 7
प्रकरणों में 26 लाख
रूपए क्षतिपूर्ति, पशु क्षति के 31 प्रकरण में 7 लाख 90 हजार रूपए व मकान
क्षति के 5 प्रकरणों
में 38 हजार रूपए इस प्रकार कुल 43 हितग्राहियों को 34 लाख 28 हजार रूपए
की सहायता राशि
विधानसभा अध्यक्ष द्वारा प्रदाय की गई। वहीं दिव्यांग जनों को 4
ट्राईसिकिल, 5 व्हील चेयर तथा
कृषि विभाग द्वारा किसानों को स्प्रेयर पंप, वर्मी कम्पोस्ट खाद, पशु
विभाग द्वारा हितग्राहियों को
मुर्गी चूजों का वितरण किया गया। सविप्रा उपाध्यक्ष भरतपुर-सोनहत विधायक
गुलाब कमरो ने
कहा कि वन अधिकार मान्यता पत्र देने में छत्तीसगढ़ देश का अग्रणी राज्य बन
गया है। उन्होंने
कहा कि जल, जंगल और जमीन आदिवासियों की परंपरा एवं संस्कृति का अटूट
हिस्सा ही नहीं,
बल्कि उनकी आजीविका का साधन भी है। इस अवसर पर सविप्रा उपाध्यक्ष विधायक गुलाब
कमरो, मनेन्द्रगढ़ विधायक डॉ. विनय जायसवाल, नपाध्यक्ष प्रभा पटेल, जिला
पंचायत सभापति
उषा सिंह, जनपद उपाध्यक्ष राजेश साहू, नपा उपाध्यक्ष कृष्णमुरारी तिवारी,
सांसद प्रातिनिधि सहित जनप्रतिनिधि, पार्षद, जनपद
सदस्य व प्रशासनिक
अधिकारी-कर्मचारी उपस्थित रहे।
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