कोरिया में आत्मानंद स्कूल में शिक्षको का कुकृत्य आया सामने

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पढाई पूरा नही करने पर नाबालिक स्कूली छात्र की कर दी पिटाई

गुरु गोविंद दोऊ खड़े काके लागू पाय बलिहारी गुरु आपने गोविंद दियो बताए। की मान्यता को तार-तार कर कोरिया जिले में धरती पर देवता से भी पहले पूजन के पात्र माने जाने वाले शिक्षको का कुकृत्य सामने आया है। गत वर्ष बालोद के आत्मानंद स्कूल में छात्र की पिटाई के कोरिया के शिक्षको ने कहा हम क्यो रहे पीछे और पढाई पूरा नही होने पर कोरिया जिले की स्वामी आत्मानन्द स्कूल चरचा में छात्रो की पिटाई का मामला प्रकाश में आया है। इस घटना के बाद शिक्षा महकमें ने आनन-फानन में जॉच बैठा दी है।
वहीं आरोपी शिक्षक भी अपनी गलती कबूल कर रहे हैं शिक्षकों का कहना है कि कॉपी कंप्लीट नहीं होने और हल्ला मचाने पर छात्रों को दंडित किया गया था। संस्था के प्राचार्य का कहना है कि इसके पहले आए मामले में उन्होंने शिक्षकों को हिदायत दी थी लेकिन यह मामला उनके संज्ञान में नही था। जिले का शिक्षा विभाग मामले की जाच कर दोषी पाये जाने पर शिक्षको पर कार्यवाई की बात कह रहा है।
आठवीं के छात्रों ने जब अपने परिजनो को इसकी जानकारी दी तब हाथ पर चोट के निशान देखकर परिजन मामले की शिकायत लेकर संस्था पहुंचे। वहीं स्कूल की प्राचार्य से मामले की शिकायत करने के बाद जब शिक्षकों आहिस्तेे से छड़ी से मारना स्वीकार्य कर लिया।

बख्शे नही जायेगें दोषी

कलेक्टर कोरिया विनय कुमार लंबेह ने मामले की गंभीरता को देखते हुए जिला शिक्षा अधिकारी जितेंद्र गुप्ता को कडी जॉच करने के निर्देश दिये हैं। उन्होने दोषियो पर कार्यवाई करने के सख्त निर्देश भी दिये हैं। विदित हो कि कोरिया जिले में कानून व्यवस्था का हाल कैसा है कि अभी कुछ दिनो पहले ही सोनहत के छात्रावास में एक नाबालिक छात्रा के नवजात को जन्म देने का मामला सामने आ चुका है। बेहतर होगा साप निकल जाने के बाद लकीर पीटना छोड प्रशासन व्यवस्था की कमियो पर ध्यान देते हुए उसे दूरुस्त करने का काम करें।

समाज के माथे पर कलंक है एैसे शिक्षक

बैकुंठपुर विधायक एवं प्रदेश के पूर्व मंत्री भैया लाल राजवाड़े ने मामले पर अपनी तिखी प्रतिक्रिया देते हुए ऐसे शिक्षकों पर कड़ी कार्रवाई करने की बात कही है। उन्होंने कहा कि ऐसे शिक्षक समाज पर कलंक है । शासन इस बात की कतई अनुमति नहीं देगा कि छात्रों को किसी प्रकार दंडित कर पठन-पाठन कराया जाए। उन्होंने कहा कि मैं इस बात का स्वयं संज्ञान लूंगा की ऐसे शिक्षकों को कठोरता से दंड दिया जाए एवं जिले में पहले भी शिक्षा के केद्रो पर घटी पुरानी घटनाओं की पुनर्विवृत्ति ना हो इसके लिए जिला प्रशासन को कड़ी व्यवस्था करने के निर्देश भी दूंगा।

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