तहकीकात न्यूज @ वेब डेस्क . रायपुर
विस् अध्यक्ष डॉ चरणदास महंत ने कहा कि, विजयादशमी दशहरा दुर्गा पूजा और नौ दिन तक चलने वाले नवरात्रि उत्सव के समाप्ति का प्रतीक है। यह भी कहा जाता है कि, यही वह दिन था जब भगवान श्रीराम ने रावण को परास्त किया था, वहीं, मां दुर्गा ने महिषासुर का अंत कर देवताओं और मनुष्यों को उनके अत्याचार से मुक्ति दी थी, विजयदशमी को हथियार (अस्त्र-शस्त्र) पूजने की परंपरा भी है। यह दिन रोशनी के त्यौहार दिपावली की तैयारी की शुरुआत का भी प्रतीक है, जो त्योहार के लगभग 20 दिनों बाद पड़ता है। प्रभु श्रीराम का लंका विजय तथा मां दुर्गा का महिषासुर मर्दिनी अवतार दशमी को हुआ था, इसलिए इसे विजयादशमी कहा जाता है। विजयादशमी दशहरा बुराई पर अच्छाई तथा असत्य पर सत्य की जीत का प्रतीक है।
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