तहकीकात न्यूज @ अयुब अंसारी . चिरमिरी
जानकारी के अनुसारआस्था का पर्व छठ जो कि उगते हुए सूरज को अर्घ्य देकर समाप्त किया गया है ज्ञात हो कि या महाव्रत का प्रारंभ नहाए खाए से प्रारंभ होता है जिसके बाद डूबते हुए सूरज को अर्घ्य दिया जाता है और अंतिम दिन उगते हुए सूरज को अर्घ्य देखकर समाप्त होता है।
जिसमें व्रतियों द्वारा ठेकुआ एवं चावल के कई प्रकार के खाने वाले वस्तुओं के साथ-साथ फल टोकनी और सूप में लेकर छठ घाट पर जाते हैं और 36 घंटे तक निर्जला उपवास रखकर घर परिवार और बच्चों की सलामती के लिए यह उपवास महिलाएं रखती हैं।

जिसमें डोमन मिल छठ घाट से लेकर कोरिया कालरी छठ घाट जीएम कंपलेक्स छठ घाट समेत हसदेव नदी के तट पर यह त्यौहार मनाया जाता है।
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