Baikunthpur @ Tahkikat News
कलेक्टर श्याम धावड़े ने जिले में कृमि मुक्त अभियान की शुरुआत की। कलेक्टर ने अपने चेम्बर में मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी डॉ रामेश्वर शर्मा की उपस्थिति में बच्चों को एल्बेंडाजॉल टैबलेट खिलाई। इस दौरान जिला पंचायत के मुख्य कार्यपालन अधिकारी कुणाल दुदावत एवं स्वास्थ्य विभाग के अधिकारी उपस्थित रहे। कलेक्टर ने समस्त अभिभावकों से इस अभियान को सफल बनाने में सहयोग करने की अपील की है। राष्ट्रीय कृमि मुक्ति दिवस कार्यक्रम के तहत जिले में 01-19 वर्ष के 03 लाख 9 हजार 861 बच्चे और किशोर-किशोरियों को उनके घर पर मितानिनए आंगनबाड़ी कार्यकर्ता और एएनएम के द्वारा एल्बेंडाजॉल दवा खिलाई जाएगी। डिवर्मिंग से पहले बच्चों में खांसी, बुखार, सांस फूलना व कोरोना के अन्य लक्षणों की जांच भी की जायेगी।
उल्लेखनीय है कि जिले 13 से 23 सितम्बर तक राष्ट्रीय कृमि मुक्त दिवस कार्यक्रम का आयोजन किया जा रहा है। डिवर्मिंग से बच्चों में रोग प्रतिरोधक शक्ति में वृद्धि होती है। इसके साथ ही स्वास्थ्य और पोषण में सुधारए एनीमिया में नियंत्रण, सीखने की क्षमता और कक्षा में उपस्थिति में सुधार तथा वयस्क होने पर काम करने की क्षमता में भी वृद्धि होती है।
ये हैं कृमि संक्रमण के लक्षण
गंभीर कृमि संक्रमण से दस्त, पेट में दर्द, कमजोरी, उल्टी और भूख ना लगना सहित कई लक्षण हो सकते हैं। एक बच्चे कीड़े की मात्रा जितनी अधिक होगी, संक्रमित में उतने ही अधिक लक्षण होंगे।
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