Baikunthpur @ Tahkikat News
कोरिया जिले के बंटवारे को लेकर कां्रगेस की प्रदेश सरकार के मुखिया के द्धारा मनेन्द्रगढ को जिला बनाये जाने को लेकरयह कहना कि जिला मनाकर भूल हो गई। इस पर चुटकी लेते हुए भाजपा जिला उपाध्यक्ष देवेन्द्र तिवारी ने कहा कि कोरिया जिले के विभाजन पर जो बातें सामने आ रही हैं वो आश्चर्यजनक हैं। 02 महीने पहले जनसैलाब के रूप में बैकुंठपुर, खड़गवां और सोनहत की जनता एवं व्यापारी वर्ग जिला विभाजन के विरोध में आये तब जनप्रतिनिधियों ने चौक में बड़ा उत्साह दिखाया और 3-4दिनों के भीतर मुख्यमंत्री से संवाद कर मिलने की बात की। बाद में कोरिया बचाओ मंच बना। संजय गुप्ता के नेतृत्व में बारी बारी लोग धरने पर बैठे। जनप्रतिनिधि मंच पर समर्थन देने तो आये किंतु 60 दिनों तक धरने के स्वरूप या उसके परिणाम पर नहीं सोचा। इतने बड़े धरने या जिलेवासियों की भावनाओं को मुख्यमंत्री तक पहुँचाने में 2 महीने लगा दिए।
धरने को लेकर आरोप प्रत्यारोप भी हुए। विधायक के समर्थकों ने इसे राजनीतिक मंच करार दिया। फिर अचानक स्वयं विधायक एवं उनके समर्थक एक दिनी धरने पर भी बैठे। लेकिन ताज्जुब तब हुआ जब सीएम साहब ने कहा कि विधायकों के कहने पर हमने जिला बना दिया। तब क्या उन्हें बैकुंठपुर की विधायक ध्यान में नहीं आईं। और यदि सत्तासीन जनप्रतिनिधियों के बीच इतना बड़ा मतभेद है तो इलाके के विकास में कितना असर पड़ रहा है, इसकी कल्पना की जा सकती है।
मेरी एक और बड़ी बात कि बड़े नेता यश को आपस में हँसकर बांट लेते हैं और तारीफ भी पाते हैं। अपयश न मिले इसके लिए अपने समर्थकों से खुद के पक्ष में फील्डिंग भी करवाते हैं। राजनीति में समन्वय अच्छी बात है किंतु कार्यकर्ताओं और नेताओं के लिए मापदंड अलग अलग नहीं होना चाहिए। आखिरी बात, मुख्यमंत्री जी ने यह माना है कि उन्होंने भूल की है। कोरिया के साथ उनकी सरकार का यह व्यवहार अक्षम्य है। जनप्रतिनिधियों ने जनभावनाओं का मजाक उड़ाया है
उन्होने कहा कि मन में बहुत आशंकाएं हैं किंतु धैर्य के साथ प्रतीक्षा करूंगा। उम्मीद है सब बड़े नेता दूरदर्शी सोच के साथ गए होंगे और इसमें शक नहीं कि सभी बड़े प्रभावी हैं। उनके साथ जो व्यापारी वर्ग गए थे, उनकी चिंताओं को समझा जा सकता है क्योंकि व्यापारी वर्ग ने पहले दिन से इस विषय पर कोरिया का हित देखा, उन्हें इसमें कहीं राजनीति नहीं दिखी।हम सभी आंदोलन का नेतृत्व एवं संचालन करने वाले बंधुओ का सम्मान करते हैं। संजय गुप्ता, शैलू शिवहरे, अनिल शर्मा जी के मार्गदर्शन में जिन लोगों ने आकर मंच पर धरना दिया और जो अनवरत व्यवस्था में लगे रहे। सभी का कार्य सराहनीय है।
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