जिले में एक भी अधिकृति मुरम खदान नही होने के बाद भी क्षेत्र के चारों तरफ मुरम माफियाओं द्वारा दिन-रात मुरम की अवैध खनन किया जा रहा है। जिला खनिज विभाग तथा स्थानीय मुख्यालय के जिम्मेदार अधिकारियों का भी इस तरफ ध्यान नहीं है। मुरम माफियाओं द्वारा खुलेआम मुरम का अवैध उत्खनन करते देखा जा सकता है। खास बात यह है कि शाम ढलते ही खनन का काम शुरू हो जाता है, और पूरी रात चलता है।
कोरिया जिला मुख्यालय बैकुन्ठपुर मुरमा, कुडेली व चैनपुर सहित अन्य ग्रामों में अवैध मुरम उत्खनन किया जा रहा है। मिली जानकारी के अनुसार जिले में सभी ब्लाको में मुरम खनन किया जा रहा है। शासकीय जमीन पर क्षेत्र में ज्यादातर मुरुम की खुदाई अवैध रूप से हो रही है। इसमें ज्यादातर खनन रात के अंधेरे में किया जाता है। मुरम माफियाओं द्वारा शसकीय जमीन को निशाना बनाया जा रहा है। रात की खुदाई कर परिवहन करवा लेते हैं।
खेत बनाने के नाम पर कर रहे अनुबंध
मुरम उत्खनन के लिए मुरम माफियाओं के द्वारा किसानों के साथ उनके खेत को समतल और गहरा बनाने के लिए एग्रीमेंट किया जाता है। बताया जाता है कि इस एग्रीमेंट में तीन फीट गहरा खोदने किसानों के साथ एग्रीमेंट रहता है। लेकिन खनन करने वालों के द्वारा किसानों के खेत को चार से लेकर छह फीट तक की गहरा कर दिया जाता है। इसके बाद उसमें काली मिट्टी डालने के नाम पर सिर्फ ऊपरी परत ही काली मिट्टी बिछा दी जाती है। जब किसान अपने खेत को देखता है तो वह ठगा सा महसूस करते हैं। मुरम माफिया अपना काम तो निकाल लेते हैं। लेकिन किसान को खेत में खेती के लिए परेशान होना पड़ता है। बताया जाता है कि कुछ किसान मुरम खुदवाने पैसा भी लेते हैं।
शासकीय कार्य के नाम पर भी खनन
मुरम खुदाई करने वालों के द्वारा बाकायदा शासकीय कार्य पर मुरम की सप्लाई किए जाने की बात कही जाती है। सड़क निर्माण के नाम पर ज्यादातर मुरम खुदाई हो रही है। हाईवा में शासकीय कार्य पर प्रयुक्त वाहन भी लिखा हुआ पोस्टर दिख जाता है। सूत्रों से पता चला कि शासकीय कार्य के नाम पर मुरम की खुदाई तो जरूर हो रही है, लेकिन शासकीय कार्य पर न जाकर मुरम को सीधे तौर पर बेच भी रहे हैं।
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