BAIKUNTHPUR @ Tahkikat News……… Develop BY ASHOK SINGH
न्यू लाईफ हेल्थ एण्ड एजुकेषन सोसायटी द्वारा संचालित ‘‘न्यू लाईफ‘‘ इंस्टीट्यूट ऑफ नर्सिंग में छात्र-छात्राओ के द्वारा 1 दिसम्बर को जिला चिकित्सालय बैकुण्ठपुर में विष्व एड्स दिवस पर जन जागरूक रैली का आयोजन किया गया। जिसमें छात्र-छात्राओ के द्वारा इस वर्ष के थीम “इक्वलाईज‘‘ मतलब समानता जिसका उद्देष्य राष्ट्रीय एड्स ट्रस्ट एच.आई.वी. के नए मामलों को राकने, एच.आई.वी. से ग्रसित लोगों के अधिकारों को सुरक्षित करने एवं एच.आई.वी से ग्रसित लोगों को कलंक एवं भेदभाव में प्रतिबंधित है। पर पोस्टर एवं स्लोगन के माध्यम से रैली में सम्मलित लोगांे को जागरूक किया गया। विष्व एड्स दिवस मनाने का उद्धेष्य एचआईवी संक्रमण की वजह से होने वाली महामारी एड्स के बारे में हर उम्र के लोगों के बीच जागरूकता बढ़ाना है। एड्स आज के आधुनिक समय की सबसे बड़ी स्वास्थ्य समस्याओं में से एक है। एच.आई.वी. एक प्रकार के जान लेवा इन्फेक्षन से होने वाली गंभीर बीमारी है, इसे मेडिकल भाषा में ह्यूमन इम्यूनोडेफिषिएंसी वायरस के नाम से जाना जाता है। दुनिया भर में एचआईवी संक्रमण के प्रति लोगों को जागरूक करने के लिए प्रत्येक वर्ष 1 दिसम्बर को विष्व एड्स दिवस मनाया जाता है। डब्ल्यू.एच.ओ. ने सबसे पहले विष्व एड्स दिवस को वैष्विक स्तर पर मनाने की शुरुआत अगस्त 1987 में की थी।
यह रोग व संक्रमण चिम्पान्जी के साथ शारीरिक संबंध बनाने से हुआ था, तभी से यह मनुष्य में आ गया। एड्स या (एच.आई.वी.) के कारण एवं लक्षण (एच.आई.वी.) संक्रमित व्यक्ति के साथ शारीरिक संबंध बनाने, (एच.आई.वी.) संक्रमित रक्त चढ़ाने से, (एच.आई.वी.) संक्रमित व्यक्ति के सुई का इस्तेमाल करने से एवं (एच.आई.वी.) संक्रमित माँ से बच्चे में होता है, तथा स्वास्थ्य संबंधी कर्मचारी भी इससे संक्रमित हो सकते है, तथा बचाव के लिये हमेषा नये सुई का इस्तेमाल करें, रक्त को चढ़ाने से पहले (एच.आई.वी.) जाँच कराये, एवं सुरक्षित शारीरिक संबंध बनाये। वर्ष 2008 के बाद, प्रत्येक वर्ष की थीम को विष्व एड्स अभियान (डब्ल्यूएसी) की ग्लोबल स्टीयरिंग कमेंटी द्वारा चुना जाता है।
समस्त कार्यक्रम का आयोजन प्राचार्या डॉ. अजंना सेमुएल के द्वारा किया गया तथा जन जागरुक रैली का संचालन नर्सिंग फैकल्टी पूजा केवट एवं अनिता साहू के द्वारा जिला चिकित्सालय में किया गया।
sd


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