केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्री ने सहमति जताई, बोले जल्द मिलेगा
देश में ईलाज वाले बाबा के नाम से मशहूर रहे प्रदेश के पूर्वमंत्री व बैकुंठपुर विधायक भैयालाल राजवाड़े ने दिल्ली में स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण विभाग के केंद्रीय मंत्री मनसुख मांडविया से मुलाकात कर पत्र सौप कोरिया जिले में एम्स की स्थापना की मांग की है। उन्होंने सौपे पत्र में कहा है कि छत्तीसगढ़ राज्य की राजधानी रायपुर में एम्स हॉस्पिटल की स्थापना की गई है । मैं छत्तीसगढ़ जिस क्षेत्र से विधानसभा का प्रतिनिधित्व करता हूं वह कोयलांचल एवं अत्यंत पिछड़ा आदिवासी बाहुल्य क्षेत्र है समस्त उत्तर छत्तीसगढ़ में गंभीर बीमारियों के रोगी बड़े पैमाने पर है । उत्तर छत्तीसगढ़ की सीमा झारखंड, मध्य प्रदेश एवं उत्तर प्रदेश से भी जुड़ा हुआ है । जहां से लगभग 350 किलोमीटर परिक्षेत्र में कोई भी बेहतर स्वास्थ्य सुविधा उपलब्ध नहीं है रायपुर एम्स में मरीजों की लंबी कतार आपातकालीन सेवा से लेकर सभी विभागों में इस क्षेत्र के लोग गंभीर स्वास्थ्य उपचार हेतु रायपुर बिलासपुर जैसे शहरों के निजी स्वास्थ्य सुविधा के ऊपर निर्भर है । जहां आए दिन शहरों में पैसों के साथ कई समस्याओं का सामना करना पड़ता है ।
अपने लिखे पत्र में श्री राजवाडे ने कहा कि क्षेत्र की जनता को स्वास्थ्य से जुड़ी समस्याओं को मैंने बहुत करीब से देखा है । अपने पिछले कैबिनेट मंत्री के कार्यकाल में मिले शासकीय आवास को अपने उपयोग अनुसार दो कमरों कमरे रख बाकि क्षेत्र की जनता की समस्या को देखते हुए रहने, खाने ठहरने व अस्पताल आने-जाने में खोल दिया था । मेरे द्धारा 7615 मरीजो का उपचार कराया गया। लेकिन इन बीते सालों में क्षेत्र की जनता बड़ी संख्या में अपनी स्वास्थ्य समस्या को देखते हुए छत्तीसगढ़ में दूसरे एम्स कोरिया जिले में खोलने की मांग है ।
इसलिए माननीय मंत्री जी से उपरोक्त समस्याओं को दृष्टिगत रखते हुए अनुरोध है कि जिला कोरिया में एम्स हॉस्पिटल की स्वीकृति प्रदान करें । केंद्रीय मंत्री मनसुख मांडविया से मुलाकात के दौरान प्रदेश के स्वास्थ्य मंत्री श्याम बिहारी जायसवाल एवं भाजपा जिला अध्यक्ष कृष्ण बिहारी जायसवाल मौजूद रहे ।

मिला आश्वासन
श्री राजवाड़े जानकारी देते हुए बताया कि उनके आवेदन पर केंद्रीय मंत्री ने गंभीरता पूर्वक विचार करते हुए जल्द ही एम्स की घोषणा करने पर अपनी सहमति जाता दी है। जोकि क्षेत्र समेत आसपास के जिलों के लिए बड़ी खुशी की खबर है । उन्होंने बनाया बताया कि एम्स बन जाने से आज की पीढ़ी ही नहीं वरन आने वाले पीढ़ीयो के लिए यह वरदान साबित होगा।
सरगुजा संभाग को भी होगा फ़ायदा
उत्तर छत्तीसगढ़ का सरगुजा संभाग स्वास्थ्य के मामले में अब भी पिछडा हुआ है अभी भी बड़ी और गंभीर बीमारियों के लिए सरगुजा संभाग के लोगों को 300-400 किलोमीटर का सफ़र तय कर रायपुर के एम्स या अन्य शासकीय और निजी सुपर स्पेशलिटी अस्पताल की ओर रुख करना पड़ता है जिससे कभी-कभी दुखद घटनाएं भी हो जाती हैं लेकिन अगर केन्द्र और राज्य सरकार की बदौलत कोरिया में एम्स की सुविधा मिल जाती है तो फिर सरगुजा संभाग सहित आस पास के प्रदेश के लोगों को इलाज के लिए कम दूरी तय करनी पड़ेगी और नजदीक में ही बेहतर इलाज की सुविधा मिल जाएगी।
रायपुर एम्स में नहीं मिलती जगह
फिलहाल रायपुर में स्थित एम्स पर पूरे प्रदेश का भार है लेकिन यहां मरीज़ को भर्ती कराने के लिए परिजनों को घंटों या दिन लग जाते हैं कई मामलों में तो यहां पहुंचने वाले मरीज़ों को मंत्री, विधायक या अधिकारियों से फ़ोन करवाने के बाद ही एडमिशन मिलता है। यही वजह है कि बैकुइंपुर विधायक श्री राजवाडे ने इस बात की मांग रखी है।

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