जिला प्रशासन की कार्यवाई की कागजी चेतावनी रही बेअसर

कार्यवाई को लेकर जिले के जनपद और नगरपालिका नही गंभीर

जून माह की शुरुवात से जिले पूर्व कलेक्टर विनय कुमार लंगेह के द्धारा लगभग 2 महिने तक लगाार पशुपालको से अपील करते रहे किन्तु जिले में पशुपालको ने कान में रुई एैसी ठूसा की उनकी किसी अपील की आवाज किसी पशुपालक के कान तक नही पहुॅचा। समस्य जस की तस रही । एक बार फिर से जिले की नई कलेक्टर ने एक बार फिर सड़कों पर आवारा मवेशियों के कारण बढ़ती दुर्घटनाओं को देखते हुए जिले की कलेक्टर चन्दन त्रिपाठी ने पशुपालकों से अपील की है कि वे अपने मवेशियों को सड़कों पर न छोड़ें। उन्होंने कहा कि सड़कों पर घूमने वाले मवेशियों के कारण गंभीर दुर्घटनाएं हो सकती हैं, जिससे जन-धन की हानि हो सकती है।
कलेक्टर ने जनपद पंचायत, पशुपालन विभाग, और नगरीय निकाय के अधिकारियों को निर्देश दिया है कि वे राष्ट्रीय राजमार्ग, बाजार, और भीड़-भाड़ वाले इलाकों में मवेशियों की उपस्थिति पर कड़ी निगरानी रखें। अधिकारियों को देर रात तक अभियान चलाकर सड़कों से मवेशियों को हटाने का कार्य जारी रखने का निर्देश दिया गया है।

जिला प्रशासन के इस अभियान के तहत बैकुंठपुर, सोनहत, शिवपुर-चरचा, पटना, खरवत, चेरवापारा, घुघरा, और राष्ट्रीय राजमार्ग-43 पर बैठे मवेशियों को हटाने का कार्य तेजी से किया जा रहा है। पशुपालन विभाग के अधिकारी ने जानकारी दी है कि अभी तक 179 मवेशियों को रेडियम बेल्ट लगाए गए हैं, करीब 5700 पशुओं को सड़कों से विस्थापित की गई है तथा लापरवाह पशुपालकों से करीब 24 हजार रुपए की आर्थिक दण्ड की वसूली भी की गई है।

कलेक्टर श्रीमती त्रिपाठी ने पशुपालकों से कहा है कि अगर उनके मवेशी सड़कों पर पाए गए तो उनके खिलाफ आर्थिक दंड के साथ कड़ी कार्यवाही भी की जाएगी। उन्होंने आम नागरिकों से भी अपील की है कि वे सड़कों पर बैठे मवेशियों को हटाने में सहयोग करें।

जिला पंचायत के सीईओ डॉ. आशुतोष चतुर्वेदी ने ग्राम पंचायत के सरपंचों और सचिवों से आग्रह किया है कि वे सड़कों पर मवेशियों को न बैठने देने के लिए ग्रामवासियों को जागरूक करें और इस समस्या के समाधान में प्रशासन का साथ दें।

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