हाईकोर्ट ने बैकुंठपुर नपाध्यक्ष के पक्ष में दिया फैसला….अध्यक्ष के चयन को लेकर चार वर्षो से न्ययालय में था मामला

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बैकुंठपुर।

हाईकोर्ट से आए एक फैसले ने जिले में इस समय राजनिति को गर्म कर दिया है। 2021 में हुए नगर पालिका बैकुंठपुर चुनाव में दोनो प्रमुख दलो के अध्यक्षो के चयन में टाई होने के बाद मामला सिक्का उछाकर कर किया गया । जिसमें बैकुंठपुर के वर्तमान नगर पालिका अध्यक्ष नविता शिवहरे ने कांग्रेस के उम्म्ीदवार को मात दिया। जिसके बाद मामला न्यायलय के शरण में पहुॅचा जिसके चार साल बीतने के अब हाईकोर्ट ने भी मामले में अपना फैसला वर्तमान नपाध्यक्ष के पक्ष में दिया। कोरिया जिले के मुख्यालय बैकुंठपुर की नगरपालिका परिषद का आम चुनाव वर्ष 2021 दिसंबर में संपन्न हुआ था जिसमें विजयी पार्षदों के द्वारा दिनांक 01.01.2022 को नगर पालिका अध्यक्ष का चुनाव चुनाव अधिकारी के निर्देशानुसार संपन्न हुआ जिसमें दोनों अभ्यार्थियों को समान मत प्राप्त होने पर दोनों अभ्यर्थियों एवं सभी पार्षदों की सहमति से लॉटरी द्वारा निर्णय कर वर्तमान नपाध्यक्ष नविता शैलेश शिवहरे को निर्वाचित अध्यक्ष घोषित किया गया था।

संपूर्ण प्रक्रिया में पूर्ण सहमती देने तथा अपना हस्ताक्षर अंकित करने के पश्चात पराजित अभ्यर्थी साधना जायसवाल द्वारा जिला न्यायालय बैकुंठपुर में चुनाव याचिका प्रस्तुत की गई 03 वर्षों तक न्यायालय में सभी प्रक्रियाओं जैसे मत पेटी का निरीक्षण दोनो पक्षो के साक्ष्यो का परीक्षण आदि के पश्चात प्रधान जिला एवं सत्र न्यायाधीश द्वारा दिनांक 07.05.2025 को साधना जायसवाल की चुनाव याचिका खारिज कर दिया।

पुनः इनके द्वारा उच्च न्यायालय में जिला न्यायालय के आदेश के विरुद्ध अपील सी.आर. नम्बर 149, 2025 प्रस्तुत की गई । जिसके विचारण एवं विद्वान अधिवक्ताओं के तर्क सुनने के पश्चात न्यायाधिपति द्वारा दिनांक 23.02.2026 को निर्णय सुरक्षित कर दिया गया । दिनांक 10.04.2026 को घोषित निर्णय के अनुसार जिला एवं सत्र न्यायालय के निर्णय को पूर्ववत रखते हुए साधना जायसवाल की अपील को निरस्त कर दिया गया ।

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