कोरिया जिले के स्वास्थ्य केंद्रों में 9 फार्मासिस्ट पद खाली…..ग्रामीण अंचलों में दवा वितरण प्रभावित, युवा रोजगार के इंतजार में

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ग्रामीण अंचलों में दवा वितरण प्रभावित, युवा रोजगार के इंतजार में

बैकुंठपुर।

जिले के स्वास्थ्य केंद्रों में फार्मासिस्टों की कमी से ग्रामीण अंचलों में दवा वितरण और दवा प्रबंधन की व्यवस्था प्रभावित हो रही है। मरीजों को दवा कब, कैसे, खाली पेट या भोजन के बाद लेनी है और किस दवा के साथ क्या परहेज करना है, इसकी सही जानकारी देने में फार्मासिस्ट की अहम भूमिका होती है। इनके अभाव में मरीजों को आवश्यक जानकारी नहीं मिल पा रही है। अनधिकृत या अप्रशिक्षित स्टाफ द्वारा दवा वितरण मरीजों के लिए जोखिम भरा साबित हो सकता है।

कोरिया में फार्मासिस्टों के स्वीकृत 27 पद

जिले के 18 स्वास्थ्य केंद्रों में फार्मासिस्टों के स्वीकृत 27 पद हैं, जिनमें केवल 18 फार्मासिस्ट कार्यरत हैं, जबकि 09 पद अब भी रिक्त हैं। सरकारी स्वास्थ्य केंद्रों के अनुपात में स्वीकृत पद पहले से ही कम हैं, जिनमें से लगभग 35 प्रतिशत पद खाली पड़े हैं। इतने बड़े पैमाने पर रिक्त पदों के कारण ग्रामीण क्षेत्रों में सुरक्षित दवा वितरण और दवा प्रबंधन प्रभावित हो रहा है। जिले के पंजीकृत फार्मासिस्ट रोजगार का इंतजार कर रहे हैं। फार्मेसी अधिनियम-1948 की धारा 42 के तहत किसी भी चिकित्सक के पर्चे पर दवाओं का वितरण केवल पंजीकृत फार्मासिस्ट ही कर सकता है। जन-विश्वास अधिनियम के नए नियमों के अनुसार यदि अस्पताल में किसी अनधिकृत व्यक्ति से दवाओं का वितरण कराया जाता है, तो जिम्मेदार अधिकारी के खिलाफ तीन माह तक के कारावास और दो लाख रुपये तक के जुर्माने का प्रावधान है। इस कानूनी संकट से बचने के लिए नियमित पदों को तत्काल भरना आवश्यक माना जा रहा है।

स्टॉक प्रबंधन और गुणवत्ता में अहम भूमिका

फार्मासिस्ट मरीज सुरक्षा, दवा परामर्श, स्टॉक प्रबंधन और गुणवत्ता मानकों को सुनिश्चित करने का कार्य करते हैं। विश्व स्वास्थ्य संगठन और फार्मेसी काउंसिल ऑफ इंडिया के मानकों के अनुसार शासकीय अस्पतालों में बिस्तरों की संख्या के आधार पर फार्मासिस्टों की तैनाती का प्रावधान है। इसके तहत 50 बिस्तर वाले अस्पताल में तीन, 100 बिस्तर वाले में पांच, 200 बिस्तर वाले में आठ, 300 बिस्तर वाले में 10 तथा 500 से अधिक बिस्तरों पर 15 या उससे अधिक फार्मासिस्ट होने चाहिए। वहीं, ओपीडी में प्रतिदिन 100 से 150 पर्चियों पर एक फार्मासिस्ट और आईपीडी/आईसीयू में प्रति 30 से 50 मरीज पर एक फार्मासिस्ट की तैनाती अनिवार्य है।

जिले के सभी स्वास्थ्य केन्द्रो में फार्मासिस्टो की स्थिति…….

               स्वीकृत पद - कार्यरत  - रिक्त

जिला अस्पताल बैकुंठपुर – 06 – 04 – 02
04 सीएचसी केन्दो में – 08 – 05 – 03
13 पीएचसी केन्द्रो में – 13 – 09 – 04
जिले भर में 18
स्वास्थ्य केन्द्रो की स्थिति – 27 – 18 – 09

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