Baikunthpur @ Tahkikat News
कोरिया जिले में जिले के नये पुलिस कप्तान संतोष सिंह ने जब से जिले की कमान संभाली है, तब से उन्होंने स्पष्ट रूप से अपने अधीनस्थ अधिकारियों और थाना प्रभारियों को कहा है कि अवैध जुआ, सट्टा अवैध शराब के खिलाफ कड़ी और तेजी से कार्रवाई किया जाए। अवैध कारोबारियों को बक्शा ना जाए विशेष तौर पर अवैध शराब और जुआ पूरी तरह बंद किया जाए। इस फरमान का कई थानो में पुलिस पर कोई असर नहीं होता दिख रहा है, इसकी बनगी जिला मुख्यालय बैकुन्ठपुर समेत चिरमिरी और मनेन्द्रगढ में आज भी जुआरी जुआ खेलने में मस्त हैं और लाखों-करोड़ों का जुआ प्रतिदिन स्थान बदल-बदल कर करने लगे हैं। हाईटेक टेक्नालाजी अपनाकर अपने गुर्गों को रास्ते में खड़े कर शहर के किनारे आसपास जंगलों के झाड़ी और पेड़ के नीचे दरी बिछाकर आसमान के नीचे 52 पत्ती का खेल रहे हैं ।
स्थान बदल कर जुए को दे रहे अंजाम
किमती लेक्जरी चार पहिया वाहनों में जुआरी लोग पहुंचते हैं और यही जुआरी अलग-अलग स्थानों में बदल कर जुए को अंजाम दे रहे हैं। वहीं, पुलिस बड़ी कार्रवाई करने से बच रही है। बहुत ही बड़ी विडंबना है कि जिले के विभिन्न ब्लाकों और क्षेत्रों में बड़ी संख्या में जुआरियों के खिलाफ कार्रवाई चल रही है, परंतु पिछले एक वर्षों में एक भी बड़ी कार्रवाई नहीं की गई है।
सिर्फ छोटो पर सांकेतिक कार्यवाई
वहीं कुछ पुलिसवालों के संरक्षण में ही बड़े जुआरियों के द्वारा अपने अवैध जुए के कार्याे को अंजाम दे रहे हैं। हालांकि पुलिस के अधिकारियों का कथन है कि जुआ सट्टा और शराब के खिलाफ लगातार कार्रवाई जारी है, परंतु कार्रवाई पर एक नजर डाली जाए तो सिर्फ छोटे लोगों पर ही कारवाई की गई है। बड़ी मछलियों और रसूखदार जैसे लोगों पर पुलिस कार्रवाई नहीं कर पा रही है।
सत्ताधारियो के संरक्षण में चल रहा फड
कोरिया जिला मुख्यालय बैकुन्ठपुर के अलावा चिरमिरी और मनेन्द्रगढ में जानकारो की छोडिये जिले के इन तीनो प्रमुख शहर के किसी बच्चे से भी पूछ लिया जाये तो वो बता देगा कि यह कार्य सत्ता पक्ष के कौन से राजनीतिक नेताओं के प्रभाव में चल रहा है। जुआरियों के खिलाफ में कार्रवाई नहीं होने की वजह से अब उनके हौसले बुलंद होते चले गए हैं।
माइन्स एरिया बना चुके है गढ
ज्ञात हो कि कोल क्षेत्र अधिकांश शहरो के कई इलाकों में सट्टा और जुआ का खेल चल रहा है। चोरी छिपे चल रहे इस खेल पर शिकंजा कसने के लिए पुलिस दिखावटी छापेमारवाही कार्यवाही करती है, लेकिन इससे पहले सटोरिया और जुआरी भाग निकलते हैं। इनके खुफिया तंत्र भी बेहद मजबूत है। इन सभी शहर के क्षेत्रों में चोरी छिपे जुआ का खेल चलता है। यहां दूर-दूर से जुआरी आते हैं। लाखों का व्यारा-न्यारा होता है।
घरो की बर्बादी का करण बने
जुए के इस खेल में सैकड़ों परिवार तबाही का शिकार हो चुके है। कही 52 ताश के पत्तों पर पपलू तो कहीं किट के नए नए नाम से जुआ के फड़ सज रहे है। जिसमें युवा जुआरी घर की पूंजी गंवा बर्बादी के रास्ते पर है। पहले पुलिस का नाम सुनते ही जुआरी फड़ छोड़ कर भाग खड़े होते थे। बदले समय में अब पुलिस आते जाते रहकर जुआरियों में नाल वसूलने तक सीमित रहने के कारण जुआरियों को कानून का कोई डर नहीं रहता। थाना हो या चौकी उसके आसपास बेखौफ संचालित फड़ पुलिस की मौजूदा कार्यशैली की वास्तविकता का अपने में खुलासा किए हैं।
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