दक्षिण अफ्रीका पर कई देशो ने लगाया विमान सेवा पर रोक, बहुत तेजी से फैल रहा नया वैरियंट
तहकीकात न्यूज @ वेब डेस्क
कोरोना संक्रमण का कहर हर दिन कोई न कोई नया गुल खिला रहा है, जो दुनिया भर की सांस अटका देता है. अब कोरोना वायरस का डेल्टा वेरिएंट से ज्यादा संक्रामक रूप दक्षिण अफ्रीका और बोत्सवाना में सामने आया है. इस वेरिएंट की वजह से कहीं अधिक तेजी से कोविड-19 संक्रमण फैलने की आशंका है. यह वेरिएंट अब तक वायरस का सबसे उत्परिवर्तित स्वरूप है. कोरोना के इस नए वेरिएंट को बी.1.1.529 न्यू रखा जा सकता है. इस वेरिएंट के बारे में अनुमान लगाया जा रहा है कि यह किसी इलाज से वंचित एचआईवी-एड्स रोगी से विकसित हुआ है. इसको लेकर भारत की मोदी सरकार भी अलर्ट हो गई है, क्योंकि दक्षिण अफ्रीका, हांगकांग और बोत्सवाना से आए यात्रियों में यह वेरिएंट पाया गया है.
बहुत तेजी से फैल रहा है नया वेरिएंट
लंदन के यूसीएल जेनेटिक्स इंस्टीट्यूट के निदेशक फ्रेंकोइस बॉलौक्स ने साइंस मीडिया सेंटर द्वारा प्रकाशित एक बयान में कहा कि इसके पुराने संक्रमण के दौरान विकसित होने की आशंका बनी हुई है. यह अनुमान लगाना मुश्किल है कि इस स्तर पर यह कितना संक्रमण फैला सकता है. कुछ समय तक इसकी बारीकी से निगरानी और विश्लेषण किया जाना चाहिए. कोरोना वायरस के इस नए वेरिएंट को लेकर नेशनल इंस्टीट्यूट फॉर कम्युनिकेबल डिजीज ने एक बयान में कहा कि दक्षिण अफ्रीका में इसके दर्जनों मामले सामने आए हैं. यह बहुत तेजी से फैल सकता है. दक्षिण अफ्रीका के यात्रियों के बीच बोत्सवाना और हांगकांग में भी इसका पता चला है. इस महीने की शुरुआत में लगभग 100 नए मामलों को देखा गया था, जिनकी संख्या बुधवार को दैनिक संक्रमणों की संख्या 1,200 से अधिक हो गई है.
मोदी सरकार ने राज्यों को किया आगाह
इस नए वेरिएंट के खतरे से आगाह करते हुए केंद्र ने सभी राज्यों और केंद्रशासित प्रदेशों से कहा कि दक्षिण अफ्रीका, हांगकांग और बोत्सवाना से आने वाले या इन देशों के रास्ते आने वाले सभी अंतरराष्ट्रीय यात्रियों की कड़ी स्क्रीनिंग और जांच की जाए. केंद्र सरकार ने कहा है कि इन देशों में कोविड-19 के गंभीर जनस्वास्थ्य प्रभावों वाले नए वैरिएंट सामने आने की सूचना है. केंद्रीय स्वास्थ्य सचिव राजेश भूषण ने सभी राज्यों और केंद्रशासित प्रदेशों के अतिरिक्त मुख्य सचिव या प्रधान सचिव या सचिव (स्वास्थ्य) को लिखे पत्र में, उनसे यह सुनिश्चित करने के लिए कहा कि संक्रमित पाए गए यात्रियों के नमूने तुरंत जीनोम अनुक्रमण प्रयोगशालाओं को भेजे जाएं.
भारत में अब तक मिले इसके इतने मामले
बताया जा रहा है कि वीजा पाबंदियों में हाल की ढील और अंतरराष्ट्रीय यात्रा खोलने के मद्देनजर यह देश के लिए गंभीर जनस्वास्थ्य प्रभाव वाला है इसलिए यह अनिवार्य है कि इन देशों से आने वाले और इन देशों के रास्ते आने वाले सभी अंतरराष्ट्रीय यात्रियों और मंत्रालय द्वारा दिनांक 11 नवंबर 2021 को जारी संशोधित अंतरराष्ट्रीय आगमन दिशा-निर्देश में उल्लेखित अन्य सभी देशों के यात्रियों को स्वास्थ्य मंत्रालय के दिशानिर्देशों के अनुसार कड़ी स्क्रीनिंग और जांच की जाए.
as

+ There are no comments
Add yours