Baikunthpur @ Tahkikat News
4 दिनो पहले नवगठित एमसीबी जिले के छिपछिपी में महिला स्वास्थ्य कर्मी के साथ अनाचार के खिलाफ एनएचएम अधिकारी कर्मचारी संगठनों ने आक्रोश रैली निकालकर आनाचारियो के खिलाफ तत्काल कड़ी सजा देने की मांग की है। इस दौरान शिक्षक नर्स मितानिन स्वास्थ्य एवं राजस्व अमले सहित कई अन्य कर्मचारी आक्रोश रैली में शामिल हुए। रैली के दौरान संगठनों ने मांग की कि आरोपियों को तत्काल फांसी दें । इस दौरान रैली में बड़ी संख्या में लोग देखे गए । जिनके द्वारा गत दिनों हुए इस दूश्कर्म का विरोध किया जा रहा था गौरतलब हो कि विगत दिनों मनेंद्रगढ़ विधानसभा के क्षेत्र की उप स्वास्थ्य केंद्र के कम्युनिटी हेल्थ ऑफीसर के साथ अस्पताल के भीतर अनाचार का मामला सामने आया । जिसके बाद उसी जगह के ही कुछ लोगों के द्वारा अपने तीन अन्य दोस्तों के साथ मिलकर स्वास्थ्य कर्मी के साथ अनाचार करने का मामला सामने आया ।
जिस पर स्वास्थ्य कर्मी के अंदर कर्मी के हाथ पैर बांधकर दुष्कर्म को अंजाम दिया गया। जिसके विरोध में आज विभिन्न सरकारी अधिकारी कर्मचारी संघ के द्वारा आक्रोश रैली निकालकर इसकी कड़ी निंदा की गई एवं तत्काल सभी दोषियों के खिलाफ सुनवाई कर उन्हें फांसी की सजा दिए जाने की मांग की गई। कलेक्टर मनेन्द्रगढ़ को सौपे गये अपने मांग पत्र में मांग की गई है कि हेल्थ एंड वेलनेस सेंटर छिपछिपी जिला मनेन्द्रगढ़ मे घटित घटना के दोषियों के ऊपर कार्यवाही तथा प्रदेश में कार्यरत महिला स्टाफ की सुरक्षा सुनिश्चित करना सुनिश्चत किया जाये। पत्र में कहा गया है कि दिनांक 21/10/2022 को स्वास्थ्य विभाग मे कार्यरत महिला सामुदायिक स्वास्थ्य अधिकारी(सी. एच. ओ) के साथ ड्यूटी के दौरान दुष्कर्म कि घटना किया गया। विदित हो कि प्रदेश में बड़ी संख्या में महिला स्टाफ अपने दायित्वों का निर्वहन कर रही हैं। प्रदेश की यह महिलाशक्ति दूरवर्ती, दुर्गम और पहुँचविहीन क्षेत्रों में भी अपने कर्तव्यों का निर्वहन पूरी निष्ठापूर्वक कर रही हैं ।
विशेष रूप से स्वास्थ्य के क्षेत्र में इन महिला स्टॉफ का महत्वपूर्ण योगदान है। हम आपका ध्यान इस ओर आकृष्ट करना चाहते हैं कि इनमें एक बड़ी संख्या नर्सिंग कैडर की है जो अनवरत जनता की सुविधाओं को के लिए अपने ड्यूटी स्थल पर मौजूद रहती हैं । इनके द्वारा टीकाकरण, प्रसव, जच्चा बच्चा देखभाल, टीबी , मलेरिया, कुष्ठ उन्मूलन, हाट बाजार जैसे समस्त महत्वपूर्ण प्रोग्राम का क्रियान्वयन किया जाता है । किंतु विगत कुछ समय से यह देखा जा रहा है कि राज्य में महिला स्टाफ के विरुद्ध कई प्रकार के दुर्व्यवहार एवं आपराधिक घटनाएं घटित हो रही हैं। ऐसे में प्रदेश में कार्यरत महिला स्टॉफ का स्वयं एवम् अपने परिवार की सुरक्षा को लेकर चिंतित होना स्वाभाविक है। इसलिए राज्य मे अधिकारी/कर्मचारियों के साथ दुर्व्यवाहर तथा मारपीट, हत्या एवं वर्तमान मे दुष्कर्म जैसे अमानवीय कृत्य को अंजाम दिया गया द्य ऐसी घटनाएं कर्मचारियों के मन में असंतोष और निराशा उत्पन्न कर रही हैं ।
ये हैं प्रमुख मांग
- हेल्थ एंड वेलनेस सेंटर मे घटीत घटना के सभी आरोपियों की गिरफ्तारी एवं उच्चत्म दंड दिया जावे।
2.समस्त स्वाथ्य केन्द्रो अधिकारी /कर्मचारियों कि सुरक्षा सुनिश्चित कि जावे। - महिला स्टाफ कि सुरक्षा हेतु समस्त विभाग एवं ग्राम/नगर स्तर पर सुरक्षा समिति बनाई जावे ।
- एक राज्य स्तरीय महिला सुरक्षा सेल या कर्मचारी हेल्पलाइन लाइन न. जारी किया जावे जिसमे स्टाफ अपनी बात बिना किसी डर भय के रख सके।
- उक्त प्रकरण की सुनवाई फ़ास्ट ट्रैक कोर्ट मे की जावे जिसे दोषियों को जल्द से जल्द सजा मिले और पीड़िता को न्याय ।
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