श्रीराम कथा दैहिक, दैविक और भौतिक तीनों तपों को हरने वाली – रामानंदा रामस्वरूपाचार्य जी महाराज

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राम से बड़ा राम का नाम है, वैसे भी श्रीराम कथा दैहिक, दैविक और भौतिक तीनों तपों को हरने वाली कथा है, इस कथा श्रवण से व्यक्ति पापों से मुक्त होकर भवसागर पार कर लेता है। देवराहा बाबा सेवा समिति के तत्वावधान में कोरिया जिला मुख्यालय बैकुन्ठपुर के प्रेमाबाग मंदिर प्रांगण में आयोजित की जा रही संगीतमय श्रीराम कथा व्यास कामदगिरि चित्रकूट पीठाधीश्वर रामानंदाचार्य रामस्वरूपा चार्य जी महाराज ने श्रद्धालुओं से कहा। कथा वाचक ने कहा कि जिस व्यक्ति पर प्रभु की कृपा होती है, उन्हें ही यह कथा सुनने का सौभाग्य प्राप्त होता है।


कथा में श्रीराम वन गमन, केवट प्रसंग, भारद्वाज संवाद, वाल्मीकि प्रसंग, चित्रकूट निवास, भरत चरित, पंचवटी लीला, सीता हरण सहित कई मार्मिक प्रसंग श्रद्धालुओं को सुनाए। कथा में भगवान श्रीराम के वन गमन और सीताहरण के प्रसंग के दौरान तो कथा में मौजूद सभी श्रद्धालु भावुक हो गए । इस दौरान पांडाल में उपस्थित श्रद्धालुओं में रामकथा को लेकर काफी उत्साह दिखाई दिया और लोग संगीतमय श्रीराम कथा का आनंद ले रहे है। कथा के बीच बीच मधुर भजनों की प्रस्तुति ने सभी का मन मोह लिया और श्रद्धालु भावविभोर होने लगे।

इस दौरान कथा श्रवण का आनंद लेने भाजपा कांग्रेसी के बड़े नेताओं समेत शहर भर के लोग कथा स्थल पर पहुंच रहे हैं इसमें प्रमुख रूप से कांग्रेस के पीसीसी सदस्य योगेश शुक्ला देवराहा बाबा सेवा समिति के अध्यक्ष शैलेश शिवहरे बैकुंठपुर नगर पालिका के अध्यक्ष नविता शिवहरे अनिल खटीक, सुभाष साहू, रजनीश गुप्ता सहित शहर भर से आए सैकड़ों पुरुष एवं महिला मौजूद रहे ।

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