बारिश और उमस के बाद से खड़ा हुआ जान का खतरा….. 16लोगों को सांप ने डसा, एक की मौत
जिले के सभी स्वास्थ्य केंद्रों में 2500 एंटी स्नेक वेनम उपलब्ध
बैकुंठपुर।
बारिश और उमस के बाद से खड़ा हुआ जान का खतरा बड गया है। चालू वर्ष में अब तक 16 लोगों को सांप ने डसा है जिसमें एक की मौत हो गई है। बरसात के बाद गर्मी और उमस के कारण सर्प बिलों से बाहर निकलकर खतरा बन रहे हैं। जिला अस्पताल बैकुंठपुर में 15 लोगों का उपचार कर घर भेज दिया गया, 01 की मौत भी हो गई है।
बीते दिनो में की वजह से गर्मी के साथ ही उमस बढ़ गई है। सांप बिलों से बाहर निकलकर खेत, रास्तों और कच्चे मकान में आ रहे हैं। यह सर्प गर्मी से व्याकुल होकर या असुरक्षा की भावना से आसपास से गुजर रहे या बैठे हुए लोगों को डस रहे हैं। इनमें कुछ लोग ऐसे भी थे जो सांप के डसने के बाद पीड़ित व्यक्ति को इधर-उधर झाड़-फूंक के प्रयास भी लग जाते हैं।
जिला अस्पताल बैकुंठपुर के सी.एस. डॉ. आयुष जायसवाल ने बताया कि गर्मी और उमस के चलते सर्प बिल से बाहर आ रहे हैं। हमारे पास मौजूद आंकड़े के मुताबिक अपने यहां के 80 प्रतिशत सर्प विषविहीन होते हैं। 10 से 20 प्रतिशत सर्प ऐसे होते हैं जो इंसान को नुकसान पहुंचा सकते हैं। जिला अस्पताल में पर्याप्त मात्रा में एंटी स्नेक वेनम उपलब्ध हैं। अभी तक कोई भी सर्पदंश का शिकार मरीज एएसवी की कमी की वजह से नहीं लौटा है।
सर्प डस ले तो क्या करें
डॉ. आयुष के अनुसार सर्प अगर डस ले तो घबराएं नहीं बल्कि सावधानी से काम लें। जहां सांप ने डसा है उस जगह को अच्छे साफ पानी से धोएं। किसी प्रकार के ब्लेट आदि से उस जगह पर चीरा न लगाएं। इसके अलावा उस जगह के आसपास कसकर भी न बांधे। इतना करने के बाद सबसे पहले अपने नजदीकी अस्पताल लेकर पहुंचे, जिससे कि सही समय पर उपचार हो सके और मरीज की जान बचाई जा सके। किसी प्रकार की झाड़-फूंक करने वाले लोगों के पास मरीज को न ले जाएं, देरी जानलेवा हो सकती है।

सभी पीएचसी-सीएचसी पर वेनम उपलब्ध
जिला अस्पताल के अलावा सभी 04 सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्रों और 36 प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्रों पर 940 एंटी स्नेक वेनम उपलब्ध है। 11 पीएससी केन्द्रो पर 778 वायल उपलब्ध कराई गई हैं, लेकिन जानकारी के अभाव में लोग मरीज को सीधे मेडिकल कॉलेज लेकर पहुंचते हैं। कभी-कभी इसमें देरी होने पर जान का खतरा बन जाता है।
जिला चिकित्सालय में 500 एएसवी इंजेक्शन उपलब्ध
जिला चिकित्सालय बैकुंठपुर सहित जिले के समस्त स्वास्थ्य केंद्रों में सर्पदंश से प्रभावित मरीजों के उपचार हेतु पर्याप्त मात्रा में एंटी स्नेक वेनम उपलब्ध कराया गया है। वर्तमान में जिले के सभी स्वास्थ्य संस्थानों में लगभग 2500 एंटी स्नेक वेनम इंजेक्शन उपलब्ध हैं, जिनमें से 500 एएसवी इंजेक्शन जिला चिकित्सालय बैकुंठपुर में सुरक्षित रखे गए हैं, ताकि आपातकालीन स्थिति में मरीजों को तत्काल उपचार प्रदान किया जा सके। सिविल सर्जन डॉ. आयुष जायसवाल ने जानकारी देते हुए बताया कि वर्तमान में गर्मी के मौसम एवं लगातार मौसम परिवर्तन के कारण हो रही बारिश की स्थिति को देखते हुए सर्पदंश के मामलों में वृद्धि की संभावना बनी रहती है। इसे ध्यान में रखते हुए स्वास्थ्य विभाग द्वारा जिले के सभी स्वास्थ्य केंद्रों एवं जिला चिकित्सालय में आवश्यक दवाइयों एवं एंटी स्नेक वेनम की पर्याप्त उपलब्धता सुनिश्चित की गई है। उन्होंने बताया कि जिला चिकित्सालय में 24 घंटे इमरजेंसी उपचार सुविधा उपलब्ध है तथा प्रशिक्षित चिकित्सकों एवं स्वास्थ्य कर्मचारियों की टीम लगातार सेवाएं दे रही है। अब तक जिला चिकित्सालय में सर्पदंश के 12 मरीज उपचार हेतु पहुंच चुके हैं, जिनका सफलतापूर्वक उपचार किया जा चुका है। सभी मरीजों को समय पर एंटी स्नेक वेनम एवं आवश्यक चिकित्सकीय सुविधा उपलब्ध कराई गई।
झाड़-फूंक या घरेलू उपचार में समय न करें व्यर्थ
सी.एस. डॉ. आयुष जायसवाल ने आमजन से अपील करते हुए कहा कि सर्पदंश होने की स्थिति में किसी भी प्रकार के झाड़-फूंक या घरेलू उपचार में समय व्यर्थ न करें। मरीज को तुरंत नजदीकी स्वास्थ्य केंद्र अथवा जिला चिकित्सालय लेकर आएं। समय पर उपचार मिलने से मरीज की जान बचाई जा सकती है। स्वास्थ्य विभाग द्वारा जिले के शहरी एवं ग्रामीण क्षेत्रों में लगातार निगरानी रखी जा रही है तथा सभी स्वास्थ्य केंद्रों को आवश्यक संसाधनों से सुसज्जित किया गया है, ताकि आम नागरिकों को त्वरित एवं सुरक्षित उपचार सुविधा उपलब्ध कराई जा सके।

+ There are no comments
Add yours