तेंदूपत्ता की गुणवत्ता पर असर……संग्रहण केंद्रों पर हजारों गड्डियां भीगने के कारण नमी और दीमक का बना खतरा
बैकुंठपुर।
क्षेत्र में हो रही बेमौसम आंधी-बारिश ने तेंदूपत्ता के हरे सोने पर गहरा संकट ला दिया है, जिससे संग्रहण केंद्रों पर हजारों गड्डियां भीगने के कारण नमी और दीमक से खराब हो रही हैं। गुणवत्ता गिरने से, वन विभाग के समक्ष सूखे और उत्कृष्ट पत्ते के लक्ष्य को पूरा करना एक बड़ी चुनौती बन गया है। नमी के कारण तेंदूपत्ता में चेचक रोग फैलने का खतरा बढ़ गया है, जिससे पत्ते काले या खराब हो रहे हैं। भीगे हुए बंडलों में नमी के कारण दीमक लग रही है। वर्तमान में खराब मौसम के कारण तोड़ाई और खरीद रुक गई है। कई संग्रहण केंद्रों पर रखे हजारों बंडल खराब होने से शासन और ग्रामीणों को लाखों के नुकसान की आशंका है। विशेषज्ञों के अनुसार, तेंदूपत्ता के लिए तेज गर्मी आवश्यक है, लेकिन मौजूदा आंधी-पानी ने पत्तों को सुखाने की प्रक्रिया को ही रोक दिया है।
प्रशासन की अपील और अलर्ट
प्रशासन ने लोगों से अपील की है कि वे खराब मौसम के दौरान घरों में ही रहें और अनावश्यक रूप से बाहर न निकलें। पेड़ों, बिजली के खंभों और खुले स्थानों से दूर रहने की सलाह दी गई है ताकि किसी भी तरह की दुर्घटना से बचा जा सके। मौसम विभाग के अनुसार अगले तीन दिनों तक पूरे छत्तीसगढ़ में मौसम अस्थिर रहेगा। यह मौसम बदलाव एक तरफ गर्मी से राहत लेकर आया है, तो दूसरी ओर कई जिले में नुकसान और जनजीवन प्रभावित हुआ है। आने वाले दिनों में मौसम और सक्रिय रहने की संभावना है, इसलिए सतर्कता बेहद जरूरी है। क्षेत्र में कही कही कई दिनों तक बादल, बारिश, तेज हवा और वज्रपात की गतिविधियां देखने को मिल सकती हैं। मौसम विभाग का कहना है कि राज्य में फिलहाल वातावरण में नमी बनी हुई है, जिसकी वजह से बादल बनने की प्रक्रिया लगातार जारी है। यही कारण है कि अगले कुछ दिनों तक मौसम का मिजाज बदला हुआ रहेगा। इस दौरान जिले के अधिकांश हिस्सों में आंशिक रूप से बादल छाए रहने की संभावना है और कई जगहों पर हल्की से मध्यम दर्जे की बारिश हो सकती है। यानी लोगों को फिलहाल तेज गर्मी से कुछ राहत मिलती रहेगी। हालांकि इसके बाद अगले तीन दिनों में अधिकतम तापमान में 2 से 3 डिग्री सेल्सियस तक बढ़ोतरी हो सकती है।

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