एलपीजी सिलेंडर की बुकिंग से ट्रांसफर तक, बदल दिए कई बड़े नियम
बैकुंठपुर।

ईरान और अमेरिका के बीच एक बार फिर से छिडी़ जंग के बीच केन्द्र सरकार एक्शन मोड में है। सरकार ने पेट्रोलियम विपणन कंपनियों को निर्देश दिया है कि वे एलपीजी का इतना भंडारण तैयार करें कि कम से कम 30 दिनों की मांग पूरी की जा सके। विदित हो कि गत मार्च में सरकार ने एलपीजी सिलेंडर से जुड़े कई नियमों में बदलाव भी किए गए हैं। नए नियमों की जानकारी देते हुए एचपी गैस कोरिया के संचालक ने बताया कि अब नए नियमो के तहत, जिन परिवारों के पास पहले से ही पीएनजी कनेक्शन है, उन्हें अपना एलपीजी कनेक्शन सरेंडर करना पड़ेगा। उनहोने बताया कि तेल कंपनियों ने घरेलू सिलेंडरों के गलत इस्तेमाल, जमाखोरी और कालाबाजारी को रोकने के लिए उन घरों की पहचान करना शुरू कर दिया है जो एक ही समय पर दोनों का इस्तेमाल कर रहे हैं। एक ही पते पर दोनों कनेक्शन रखना, एलपीजी के नए नियमों के तहत एक मना की गई गतिविधि मानी जा रही है।
30 दिन में एलपीजी कनेक्शन छोड़ना होगा
केंद्र सरकार ने पीएनजी कनेक्शन वाले ग्राहकों को एलपीजी सिलेंडर जमा कराने पर ट्रांसफर वाउचर का विकल्प दिया है जिससे वे भविष्य में गैर-पीएनजी क्षेत्र में जाने पर अपना एलपीजी कनेक्शन बरकरार रख सकेंगे। पीएनजी कनेक्शन वाले ग्राहकों को पीएनजी कनेक्शन लगने के 30 दिन के भीतर एलपीजी कनेक्शन छोड़ने या गैर-पीएनजी क्षेत्र में भविष्य में एलपीजी कनेक्शन लेने के लिए ट्रांसफर वाउचर लेने का विकल्प दिया गया है।
शहरी 25 और ग्रामीण यूजर्स 45 दिन में करेंगे बुकिंग
नए नियमो के तहत जिन परिवारों के यहां पीएनजी पाइपलाइन चालू पाई गई है, उन्हें घरेलू एलपीजी सिलेंडर बुक करने या रिफिल करवाने से रोक दिया जा रहा है। सिटी गैस डिस्ट्रीब्यूशन कंपनियों और ओएमसीएस ने अब अपने डिजिटल डेटाबेस को पूरी तरह से एक-दूसरे से जोड़ दिया है। वहीं, सप्लाई की कमी और गलत इस्तेमाल को रोकने के लिए एलपीजी रिफिल का लॉक-इन पीरियड शहरी यूजर्स के लिए 21 दिन से बढ़ाकर 25 दिन और ग्रामीण यूजर्स के लिए 45 दिन तक कर दिया गया है।




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