कोरिया में वीबी जीरामजी के तहत में 49 हजार श्रमिकों का पंजीयन, मिलेगा रोजगार……बैकुंठपुर जनपद में 36 हजार से अधिक सक्रिय मजदूरों का डेटा हुआ सत्यापित

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बैकुंठपुर जनपद में 36 हजार से अधिक सक्रिय मजदूरों का डेटा हुआ सत्यापित

बैकुंठपुर।

विकसित भारत रोजगार गारंटी योजना शुरू होते ही काम की मांग शुरू हो गई है। जिले के दोनो जनपदो से वीबी-जीरामजी योजना के तहत जिले में 49 हजार 953 अकुशल श्रमिकों ने काम की मांग करते हुए आवेदन किया है। जिला प्रशासन अब इन श्रमिकों की केवायसी अपडेट कर काम देने की शुरुआत की है। ग्रामीण अंचलों में रोजगार की गारंटी देने वाली नई विकसित भारत गारंटी फार रोजगार एंड आजीविका मिशन योजना के शुरू हो चुकी है।

जिले के दोनो जनपदो में श्रमिकों ने काम की मांग करना भी शुरू कर दिया है। जिलेे दोनो पंचायतों में काम शुरू करने के लिए मस्टर रोल जारी किए गए हैं। नए नियमों के तहत अब केवल उन्हीं मजदूरों को काम आवंटित किया जा रहा है, जिनका डेटा पूरी तरह से सत्यापित है। यही वजह है कि रोजगार सहायकों और जनपद पंचायत के तकनीकी अमले द्वारा युद्ध स्तर पर वेरिफिकेशन करने के बाद ही चालू कार्यों पर मजदूरों को नियोजन दिया गया है।

जनपदो की स्थिति को देखें तो बैकुंठपुर जनपद में सबसे अधिक 40198 श्रमिकों ने रोजगार मांगा है। जबकि सोनहत जनपद 14150 श्रमिक ने रोजगार की मांग की हैं। नई व्यवस्था में सबसे महत्वपूर्ण बदलाव यह है कि अब बिना आधार आधारित ई-केवाईसी के किसी भी मजदूर की हाजिरी पोर्टल पर स्वीकार नहीं होगी। तीन दिनों की प्रशासनिक दौड़भाग के बाद फिलहाल जिले के एक्टिव रिकार्ड में बिना वेरिफिकेशन वाले श्रमिको की संख्या 49960 है।

रोजगार सहायकों को वेरिफिकेशन का निर्देश

नई योजना के कड़े प्रविधानों के कारण मैदानी स्तर पर काम करने वाले रोजगार सहायकों और जनपद के प्रभारियों को केवायसी वेरिफिकेशन के निर्देश दिए गए हैं। उन्हें नए पोर्टल पर चालू कार्यों के लिए मस्टर रोल आनलाइन जारी करने के साथ ही मौके पर मौजूद हर एक मजदूर का ई-केवाईसी मिलान करना है, जिससे किसी का रोजगार न छूटे।

बढ़ी मजदूरी से श्रमिकों में उत्साह

नए डिजिटल नियमों के कारण शुरुआती दिनों में तकनीकी दिक्कतें आईं, लेकिन मजदूरी दर बढ़ने से ग्रामीण इलाकों के मजदूरों में खासा उत्साह है। नई योजना के तहत छत्तीसगढ़ में अब दैनिक मजदूरी को बढ़ाकर सीधे 300 रुपये प्रतिदिन कर दिया गया है। इसके साथ ही अब साल में 100 दिनों के बजाय 125 दिनों के रोजगार की गारंटी मिल रही है।

वर्जन…….

वीबी-जीरामजी योजना का लाभ लेने के लिए सभी श्रमिकों को ई-केवाईसी कराना अनिवार्य किया गया है। हमारी टीमों ने मुस्तैदी से काम करते हुए बैकुंठपुर जनपद में 36 हजार से अधिक सक्रिय मजदूरों का डेटा सत्यापित किया है। बिना वेरिफिकेशन के मस्टर रोल जारी किए जाएंगे।

ए. पन्ना – सीईओ, जनपद बैकुंठपुर

कोरिया जिले में कुल जॉब कार्ड – 54348

जिले में एक्टिव कुल जॉब कार्ड – 49953

बैकुंठपुर जनपद में श्रमिको का पंजीयन – 40198

सोनहत जनपद में श्रमिको का पंजीयन – 14150

बैकुंठपुर जनपद में एक्टिव पंजीयन – 36430

सोनहत जनपद में एक्टिव पंजीयन – 13530

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