तहसील कार्यालय में अवैध उगाही का बना अड्डा

Estimated read time 1 min read

तहकीकात न्यूज  @ दिनेश बारी . लखनपुर

लखनपुर तहसील कार्यालय में मृत्यु प्रमाण पर जन्म प्रमाण पत्र सहित थाने से आये मामले एव राजस्व मामलो में अवैध राशि लेने -देन करने का मामला प्रकाश में आया है ।वही तहसीलदार मुख्यालय में नहीं रहने के कारण भी राजस्व कार्य प्रभावित हो रहे हैं।

तहसील कार्यालय में अवैध उगाही का बना अड्डा।

लखनपुर तहसील कार्यालय में काफी अव्यवस्था पसरी हुई है कई ग्रामीण जनों ने दवे जुबान आरोप लगाया है कि तहसील कार्यालय में जन्म प्रमाण पत्र मृत्यु प्रमाण पत्र सहित थाना से आने वाले मामले जैसे धारा 107 -16, 151 के तहत प्रत्येक मामले में अवैध रूप से पीड़ित पक्ष से जमानत के नाम से अनाप-शनाप राशि की मांग की जाती रही है तथा राशि नहीं दिए जाने पर जमानतअर्जी खारिज करने की भी बात उक्त बाबू एवं अधिकारियों के द्वारा करने की बात कही जाती रही है।

तहसीलदार सहित तमाम राजस्व अमला मुख्यालय मैं निवास नहीं करते।

वही शासन के दिशा निर्देशों का खुलेआम धज्जियां उड़ाई जा रही हैं जहां पदस्थ अधिकारी कर्मचारी अपने मुख्यालय में निवास किया जाना होता है परंतु लखनपुर तहसील कार्यालय के तहसीलदार एवं नायब तहसीलदार अपने मुख्यालय में निवासरत नहीं होने से तथा साथ ही साथ उसके अधीन कर्मचारी राजस्व निरीक्षक पटवारी सहित तमाम राजस्व अमला अपने ब्लॉक मुख्यालय में निवासरत नहीं होने के कारण बहुत सारे राजस्व मामले जैसे नामांतरण फावती तथा जाति निवास प्रमाण पत्र बनाने में आम ग्रामीणों को काफी चक्कर काटा जाता है वही पूर्व के तत्कालीन सरगुजा कलेक्टर आर प्रसन्ना के द्वारा पूर्व में हल्का पटवारी सहित राजस्व के तहसीलदार नायब तहसीलदार सहित तमाम आला अधिकारियों को मुख्यालय में निवास करने के लिए काफी सख्ती दिखाई गई थी जिसके कारण अधिकारी कर्मचारी अपने मुख्यालय में निवासरत थे और राजस्व के बहुत सारे मामले जल्द ही निराकरण किया जा रहा था जा रहा था।

तहसील कार्यालय बना दलालों का चारागाह।

लखनपुर तहसील कार्यालय में इन दिनों दलालों का ऑफिस फल फूल रहा है और चारागाह बना हुआ है वही बार काउंसलिंग से पंजीकृत वकीलों का अतिरिक्त कई ऐसे टेबल लगे हुए हैं जहां बिना पंजीयन के दर्जनों दलाल कार्य धड़ल्ले से किया जा रहा है और जिसकी मोन सहमति तहसीलदार सहित अन्य शाखा प्रभारियों के द्वारा बना हुआ और दलालों और सचिन कार्यालय के बाबुओं के साथ मधुर संबंध भी होना बताया जा रहा है और वही नियम कानून को ताक पर रखकर भ्रष्टाचार किया जा रहा।

1-बयान- प्रशिक्षु आईएएस एसडीएम विश्वदीप के संपर्क नहीं हो पाने के कारण उनका वक्तव्य नहीं रखा जा सका

as

You May Also Like

More From Author

+ There are no comments

Add yours