शहर में बेलगाम आटो चालक, ठुक रहे लोग, विभाग मौन

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तहकीकात न्यूज  @  वेब डेस्क . बैकुन्ठपुर


कलेक्टरेट रोड एन एच 43 पर गत दिवस को दोपहर आटो के कहर ने एक युवक को घायल कर दिया। देखने में आ रहा है कि लगातार इन आॅटो वालो का बेखौफ रफतार का दौड जारी है लोग इनसे तंग आकर जिला प्रशासन से लगातार मांग कर रहे हैं कि इन आॅटो वालो के बेलगाम रफतार पर रोक लगाई जाये । किन्तु लगता है कि प्रशासन के कान पर जू नही रेंग रही है जिसके कारण ही आज फिर से एक युवक को इसका शिकार होना पडा। मिली जानकारी के अनुसार बैकुन्ठपुर के कलेक्टरेट रोड एन एच पर स्थित तलवापारा के पास अपनी मोटर सायकिल से छिडदाड से बैकुन्ठपुर की ओर आ रहा था कि आॅटो ने उसे ठोकर मार दी। जिससे उसके कमर के आसपास काफि गंभींर चोटे आई और युवक का नाम मंगल बताया जा रहा है। एवं उम्र 24 वर्ष के आसपास बताई जा रही है। हादसे के बाद आॅटो चालक तत्काल मौके से फरार हो गया उसके बाद राहगीरो ने युवक को एक दूसरे आॅटो से जिला चिकित्सालय में उपचार हेतु भेजा। किन्तु आश्र्चय की बात है कि सीटी कोतवाली पुलिस को शाम तक इस घटना के बारे में कोई जानकारी नही थी।

यातायात विभाग की नाकामी


शहर की सड़कों पर दौडने वाले ऑटो रिक्शे सवारियां चढ़ाने और उतारने के लिए चाहे जहां खड़े हो जाते हैं। शहर में चाहे जहां ऑटो रिक्शा रुक जाते हैं और बेखौफ होकर सवारियां भरते हैं। यातायात पुलिस भी इस दिशा में मूकदर्शक बनी हुई है। कभी कभार ही कार्रवाई कर यातायात महकमा अपनी इतिश्री कर लेता है। शहर में ऑटो रिक्शों के चाहे जहां रुकने के कारण सड़क पर अव्यवस्था का नजारा आम हो गया है। इसके अलावा कई बार इस वजह से दुर्घटनाएं भी हो रही है। समस्या से निबटने के लिए यातायात पुलिस ने कोई रणनीति नही बनाई है। शहर की सड़कों पर ऑटो रिक्शों के स्टापेज के लिए कोई निश्चित स्थान नही है।

आए दिन लगता है जाम


ऑटो रिक्शा चालकों ने कमाई के फेर में शहर की यातायात व्यवस्था को भी बट्टा लगा रखा है। हालात यह है कि जिस मार्ग से भी ऑटो गुजरते हैं, वहां जाम की स्थिति निर्मित हो जाती है। इस कारण यह है कि सवारियां चढ़ाने और उतारने के लिए ऑटो कहीं भी रोक दिए जाते हैं, अन्य वाहन चालकों की सामने परेशानी खड़ी जाती है। फलस्वरूप बीच बाजार में ही जाम लग जाता है। इस सबके बावजूद ऑटो चालकों पर कोई कार्रवाई नहीं होती।

रेलवे स्टेशन में आए दिन करतें हैं हंगामा


बैकुन्ठपुर रेलवे स्टेशन के बाहर खडे आटो वालो के बीच सवारियो को लेकर आए दिन झगडे होते रहतें हैं। कभी कभी नौबत तो मार पीट तक पहुच जाती है इसके अलावा कलेक्टोरेट के सामने, कालेज चैक, रामानुज स्कूल के सामने, महलपारा चैक, घडी चैक, फव्वारा चैक, पुराना बस स्टैड और सबसे ज्यदा संख्या में नये बस स्ैटड के सामनें इनकी भीड देखी जा सकती है।

फव्वारा चैक को किया कब्जे में


लगातार देखने में आ रहा है कि यातायात विभाग के बस स्टैन्ड स्थित कार्यालय के ठीक सामने एवं फव्वारा चैक बैकुण्ठपुर में ऑटो चालकों की अपनी मनमानी निरंकुश तरीके से जारी रखें हुए हैं। इस दौरान तो कभी-कभी ऑटो चालक इस हद तक मनमानी पर उतर आते हैं कि पूरी सड़क जाम कर देते हैं । वहीं दूसरी और यातायात विभाग के मौन होने के कारण कभी भी कोई बड़ा हादसा घटित होने की संभावना से इंकार नही किया जा सकता है।

आटो रिक्शा की रफतार पर लगे रोक


शहर के अंदर चल रहें आॅटो रिक्शे की रफतार पर भी रोक लगाना जरुरी हो गया है मुख्य सडक पर इन आॅटो रिक्शा चालको द्धारा इतने रफतार से इसे दौडाया जाता है कि इनके पीछे और आगे चलने वाले वाहनो की जान आफत में बनी रहती है। इन्हे सवारी दिखी नही की ये अपने रफतार में तरन्त ब्रेक लगाते है जिससे इनके पीछे वाले वाहन की इनसे टकराने की संभावना बनी रहती है। यही नही आये दिन इस प्रकार की घटनाये होती ही रहती है जिनमें मामला आपसी तुतू मैंमैं तक होता ही रहता है।

सडको से गुजरने वालो की जान सकते में

शहर की आबादी 35 हजार से ज्यदा है और जिला मुख्यालय होने की वजह से हर दिन यहां हजारों की तादात में लोग कार्यालयीन कामकाज व आवश्यक वस्तुओ की खरीदी-बिक्री के लिए आते जाते रहते हैं। शहर की सड़कों पर फर्राटे भरते वाहनों से लोग डरे सहमे रहते हैं। सड़कों पर भीड़भाड़ होते हुए भी वाहन की रफ्तार 70.80 की स्पीड से कम नहीं रहती। जरा सी चूक से लोगों की जान तक जा सकती है लेकिन ऐसे वाहन चालकों की वाहनों की रफ्तार धीमी करने के लिए आज यातायात कर्मियो की कोशिसे कम पड रही है। जिससे वाहन चालक बेखौफ सड़कों पर धड़ल्ले से नियम कायदों को ताक में रखते हुए बाइक, कार व मालवाहक वाहनों के चालक भी शहर में स्पीड कम करने की बजाय फूल स्पीड में वाहन चला रहे हैं।

नियमों की नहीं करते परवाह

शहर में युवा, बच्चे, बूढ़े, महिला सहित सभी वर्ग के लोग सड़कों में वाहनों से सफर करते हैं। कई राहगीर अपने गंतव्य तक जाने सड़कों पर पैदल चलते नजर आते हैं लेकिन कुछ युवा इनके सफर को खतरे में डाल देते हैं जो नियमों को ताक में रहकर फर्राटे भरते हुए गलत साइड से ओव्हर टेक करते हैं। इतना ही नहीं कई बार ये वाहन चालक हार्न की आवाज तेज कर लहराते हुए सड़कों पर कलाबाजी करते भी देखे जा सकते हैं। ऐसे बाइकर्स के वाहनों पर ब्रेक लगाने विभागी अमले की सतर्कता शून्य नजर आती है। भीड़भाड़ वाले इलाके में वाहन चालक यह भूल जाते हैं कि उनकी एक गलती और शौक कइयों की जान जोखिम में डाल सकता है। कई बार यह तेज रफ्तार ही वाहन चालक की मौत का कारण बन सकता है। कई अभिभावक तो कम उम्र के बच्चों को वाहन की चाबी बड़े शौक से सौंप देते हैं पर ये नहीं सोचते कि कहीं उनकी यह लापरवाही बच्चों को मुसीबत में न डाल दे।

15 कर्मचारियो के बुते पुरी यातायात व्यवस्था

यातायात विभाग बैकुन्ठपुर के में कार्यरत कर्मियो की संख्या जिनकी रेगुलर डियूटी घडी चैक, महलपारा चैक और कलेक्टरेट के सामने तो रहती है। किन्तु खास दिनो के अलावा साप्ताहिक बाजार रविवार के दिन इनकी आवश्यकता सब्जी मंडी के आसपास यातायात नियंत्रण के लिए लिए जाने की मांग पिछले दिनो लगातार की जाती रही है। गत कई वर्षो से स्टाफ की कमी चल रही है। जिस वजह से यातायात व्यवस्था पूरी तरह से ध्वस्त चल रही है। फिर भी यहां पर और स्टाफ को बढ़ाने की कोशिश नहीं की जाती है। वहीं दूसरी ओर बार-बार जिम्मेदारों के द्वारा एक ही जबाब आता है कि अब यातायात व्यवस्था में सुधार किया जाएगा। लेकिन सुधार होता कहीं नजर नहीं आ रहा है। विभाग द्धारा जानकारी में बताया गया कि बैकुन्ठपुर में यातायात विभाग में 15 लोग कार्य करते हैं जिसमें 6 आरक्षक, 1 प्रधान आरक्षक, 2 एसआई और 6 सैनिक नियुक्त है ।

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