होली पर पडोसी राज्यो से आने वाली शराब….पुलिस के लिए चुनौति

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तहकीकात न्यूज  @  वेब डेस्क . बैकुन्ठपुर


होली का त्योहार करीब आते ही जिले में शराब की तस्करी जमकर होने की खबरे आ रही है। राज्य शासन के निर्देश के बावजूद अवैध करोबार रुकने का नाम नही ले रहा है। लचर कानून व्यवस्था के चलते शराब माफियाओं द्धारा मध्य प्रदेश की दोनो सीमाओ से शराब छग लाकर जमकर खपाया जाता रहा है। बताया जाता है कि साल भर का 20 फिसद शराब होली में खपत हो जाती है। होली में शराब सहित अन्य नशे की चीजे सप्ताह भर पहले से ही जिले में मिलने लगी है। त्योहार को मात्र तीन दिन शेष हैं, ऐसे में पड़ोसी राज्य मप्र से शराब का स्टॉक शहर में बड़े पैमाने पर किया जा रहा है। शराब को लेकर जब-जब पुलिस सख्त होती है तो यह रेट और भी ज्यादा हो जाता है, मगर रिस्क लेकर माफिया शहर में आसानी से शराब की सप्लाई कर देते हैं।

बेलगाम हो गया है विभाग


प्रदेश में शराब बेचने वाली ठेकेदारी व्यवस्था को खत्म कर सरकार ने आबकारी विभाग के जरिए जबसे शराब बेचने की जिमेदारी ली है। आबकारी विभाग की हालत यह है कि इसके कर्मचारियो पर अब लगाम लगाने की जरुरत है। अब विभाग अपने में ही इतना मस्त हो चुका है कि अवैध शराब की तस्करी रोकने कोई कार्रवाई करता है। वहीं बार्डर क्षेत्र व शहर की पुलिस पूर्व में कई बार अवैध शराब का खेप पकड़ चुकी है।

खुलेआम परोस रहे शराब


जिला मुख्यालय बैकुन्ठपुर जिले में ही नही पडोसी जिलो में भी खुलेआम अवैध शराब की बिक्री के लिए बदनाम है। छत्तीसगढ शासन ने अप्रैल 2017 में होटलों में शराब की बिक्री पर पूर्णत पाबंदी लगा दी गई थी, लेकिन तब से अब तक सरकारे जरुर बदल गई किन्तु होटलों में बिना किसी डर-भय के खुलेआम शराब परोसने का दौर बदस्तूर जारी है। दूध और दवा भले ही कही न मिले लेकिन शराब गली गली उपलब्ध जरूर मिल जाएगी।

षासन की सख्ती भी नही आई काम

गत वर्ष विधानसभा में प्रदेष के मुख्यमंत्री की घोषणा के अनुरूप पुलिस महानिदेशक ने निर्देश जारी करते हुए कहा है कि किसी भी जिले में अवैध शराब की बिक्री और सट्टा का मामला सामने आने पर पर तत्काल संबधित थाना प्रभारी को निलंबित किया जायेगा। और इसके लिए पुलिस अधीक्षक भी जिम्मेदार होंगे। किन्तु जिले में लगातार अवैध षराब की बिक्री होती रही किन्तु याद नही पडता कि प्रदेष की मुखिया के सख्ती के फरमान के बाद कि पर कार्यवाई की गई ।

बेलगाम हो गया है विभाग


प्रदेश में शराब बेचने वाली ठेकेदारी व्यवस्था को खत्म कर सरकार ने आबकारी विभाग के जरिए जबसे शराब बेचने की जिमेदारी ली है। आबकारी विभाग की हालत यह है कि इसके कर्मचारियो पर अब लगाम लगाने की जरुरत है। अब विभाग अपने में ही इतना मस्त हो चुका है कि अवैध शराब की तस्करी रोकने कोई कार्रवाई करता है। वहीं बार्डर क्षेत्र व शहर की पुलिस पूर्व में कई बार अवैध शराब का खेप पकड़ चुकी है।

खुलेआम परोस रहे शराब


जिला मुख्यालय बैकुन्ठपुर जिले में ही नही पडोसी जिलो में भी खुलेआम अवैध शराब की बिक्री के लिए बदनाम है। छत्तीसगढ शासन ने अप्रैल 2017 में होटलों में शराब की बिक्री पर पूर्णत पाबंदी लगा दी गई थी, लेकिन तब से अब तक सरकारे जरुर बदल गई किन्तु होटलों में बिना किसी डर-भय के खुलेआम शराब परोसने का दौर बदस्तूर जारी है। दूध और दवा भले ही कही न मिले लेकिन शराब गली गली उपलब्ध जरूर मिल जाएगी।

षासन की सख्ती भी नही आई काम

गत वर्ष विधानसभा में प्रदेष के मुख्यमंत्री की घोषणा के अनुरूप पुलिस महानिदेशक ने निर्देश जारी करते हुए कहा है कि किसी भी जिले में अवैध शराब की बिक्री और सट्टा का मामला सामने आने पर पर तत्काल संबधित थाना प्रभारी को निलंबित किया जायेगा। और इसके लिए पुलिस अधीक्षक भी जिम्मेदार होंगे। किन्तु जिले में लगातार अवैध षराब की बिक्री होती रही किन्तु याद नही पडता कि प्रदेष की मुखिया के सख्ती के फरमान के बाद कि पर कार्यवाई की गई ।

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