तहकीकात न्यूज @ दिनेश बारी . लखनपुर
वैसे तो जनपद पंचायत क्षेत्र को स्वच्छ भारत मिशन के नजरिए से कागजों में ओडीएफ घोषित कर दिया गया है परंतु इसकी जमीनी हकीकत कुछ और है कई ऐसे ग्राम पंचायत हैं जहां शौचालय का निर्माण अभी तक नहीं हो पाया है इसी कड़ी में जनपद पंचायत क्षेत्र के ग्राम पंचायत तुरना में एक दिव्यांग उमेश प्रजापति का शौचालय नहीं बनने कारण वह पंचायत प्रतिनिधियों अधिकारियों के दफ्तरों का चक्कर काटते हुए शौचालय निर्माण कराए जाने फरियाद करता फिर रहा है परंतु दिव्यांग गरीब के गुहार को सुनने वाला कोई नहीं है गौरतलब है कि उक्त उमेश प्रजापति दिव्यांग की शौचालय निर्माण कराया जाना स्वीकृत था परंतु पूर्व ग्राम सरपंच द्वारा जानबूझकर शौचालय निर्माण नहीं करवाया गया साथ ही दिव्यांग को यह धमकी भी दी गई कि जहां जाकर रिपोर्ट करना है रिपोर्ट कर दो तुम्हारा शौचालय नहीं बनेगा जबकि प्राथमिकता के तौर पर दिव्यांग का शौचालय निर्माण कराया जाना बेहद जरूरी था परंतु पूर्व सरपंच के द्वारा जानबूझकर मजबूर दिव्यांग का शौचालय निर्माण नहीं कराया जाकर रिपोर्ट किये जाने की धमकी दिया जाना समझ के परे है।
लिहाजा शौचालय निर्माण नहीं होने कारण लाचार दिव्यांग उमेश प्रजापति अपनी फरियाद लेकर दर ब दर भटकता नजर आ रहा है बीते 1 अक्टूबर को दिव्यांग ने जनपद पंचायत मुख्य कार्यपालन अधिकारी के समक्ष फरियाद करते हुए शौचालय निर्माण कराए जाने की मांग रखी जिस पर मुख्य कार्यपालन अधिकारी ने समझाइश देते हुए कहा कि क्षेत्र के ग्राम पंचायतों में शौचालय निर्माण की सारी प्रक्रियाएं पूरी हो चुकी हैं इस पर कुछ नहीं किया जा सकता।
यदि आप पूर्व सरपंच के खिलाफ कहीं शिकायत करना चाहते हैं तो कर सकते हैं। दिव्यांग अपने मजबूर हालात को अपने आप में समेटे हुए मुख्य कार्यपालन अधिकारी जनपद पंचायत लखनपुर का सलाह सुनकर खामोशी से बैसाखी के सहारे लौट गया। जनपद क्षेत्र के कई ऐसे ग्राम पंचायत है जहां शौचालय का निर्माण नहीं हुआ है गरीब ग्रामवासी शौचालय के लिए तरस रहे हैं स्वच्छ भारत मिशन के तहत निर्माण कराए जाने वाले शौचालय कार्य कमोबेश जनपद पंचायत क्षेत्र में कहीं ना कहीं आज भी अधूरा है ग्रामीणो को योजना का लाभ नहीं मिल पाया है फिल हाल ग्राम पंचायत तुरना में एक दिव्यांग के शौचालय निर्माण नहीं होना अपने आप में एक चश्मदीद मिसाल है।

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