चिरमिरी के भरत ने जीती कुपोषण से लड़ाई—-मुख्यमंत्री सुपोषण अभियान के जरिए मिल रहा बेहतर स्वास्थ्य का वरदान

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तहकीकात न्यूज  @  वेब डेस्क . बैकुन्ठपुर

मुख्यमंत्री भूपेष बघेल की मंषा अनुरूप महिला एवं बाल विकास विभाग पोषण और स्वास्थ की स्थिति में सुधार के लिए प्रतिबद्ध है और निरंतर प्रयास कर रहा है। मुख्यमंत्री सुपोशण अभियान के तहत सुराजी सुपोषित कोरिया अभियान कुपोषण दूर करने में सफल हो रहा है। जिसके फलस्वरूप चिरमिरी के भरत ने कुपोषण से अपनी लड़ाई जीत ली है।
कोरिया जिले में संचालित सुराजी सुपोषित कोरिया अभियान के तहत जिले के नगर पालिक निगम चिरमिरी के डाॅ.अम्बेडकर परिक्षेत्र हल्दीबाड़ी के भरत कुमार को षामिल किया गया। इस वक्त वे गंभीर कुपोषित थे।

भरत को सुराजी सुपोषित कोरिया अभियान के तहत प्रत्येक माह के बुधवार एवं शुक्रवार को अण्डा, चिक्की आदि पौश्टिक सामग्रियां आंगनबाड़ी कार्यकर्ता एवं सहायिका द्वारा गृह भेंट के दौरान खिलाया गया तथा उन्हें एन.आर.सी में भर्ती कराने का परामर्श उनके परिजनों को दिया गया।इसके साथ ही साफ-सफाई, कृमि नाशक दवा, दस कदम पोषण आदि गतिविधियों से भी अवगत कराया गया।


इन सभी प्रयासों का परिणाम हुआ कि भरत के शारीरिक विकास में सकारात्मक बदलाव दिखने लगे और उसका वजन 6 किलो ग्राम से बढ़कर 9.3 किलो ग्राम हो गया।
आंगनबाड़ी कार्यकर्ता एवं सहायिका द्वारा उम्र के साथ बच्चे के खान-पान में पोषण आहार की अधिकता लाने की सलाह दी गयी जिस पर बच्चे के माता-पिता ने रेडी टू ईट फूड से विभिन्न प्रकार के पकवान बनाकर खिलाया। साथ ही आयरन युक्त मुनगाभाजी, चैलाई का सेवन, गुड़, फल्लीदाना, मौसमी फल, अंकुरित अनाज आदि भी बच्चे को खिलाया गया। इस प्रकार से सुराजी सुपोषण अभियान कोरिया के तहत आंगनबाड़ी कार्यकर्ता किरण दुबे के नियमित गृह भेंट एवं प्रयास के चलते बालक भरत कुमार के वजन में वृद्धि हुई।


भरत की मां बताती हैं कि उसे टाइफाइड बुखार हो गया था, जिस कारण वह हमेशा बिमार पड़ने लगा था, आंगनबाड़ी कार्यकर्ता के समझाने के बाद वह भरत के लिए अलग से एक कटोरी रखी और हाथ धोकर उस कटोरी के नाप से उसे खिलाना चालू किया। बालक भरत को कभी रेडी टू ईट की खीर, तो कभी सूजी का उपमा, कभी खिचड़ी, गाड़ी दल, दही, रोटी, दाल, अधिक पका चावल, आलू, गाजर उबालकर तेल मिलाकर स्वाद अनुसार अलग-अलग खाद्य सामग्री खिलाने के कारण उसके वजन में बहुत अधिक वृद्धि हुई


भरत के सुपोषित होने से उसके परिजनों के साथ ही आंगनबाड़ी कार्यकर्ता एवं सहायिका भी काफी खुश हैं। उन्होंने शासन के इस महत्वपूर्ण योजना के लिए मुख्यमंत्री भूपेश बघेल के प्रति आभार व्यक्त किया है।
लॉकडॉउन में भी महिलाओं और बच्चों के पोषण स्तर को बनाए रखना तथा कुपोशित बच्चों को सुपोशित करना एक बड़ी चुनौती थी, जिसे विभाग ने बखूबी निभाया है। विभाग के मैदानी अमले ने इसमें बढ़कर हिस्सा लिया और घर-घर जाकर रेडी-टू-ईट और सूखा राशन का वितरण किया। जिले में आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं द्वारा कोरोना वायरस के नियंत्रण के प्रयासों के साथ ही टेक होम राशन वितरण कार्य की भी सुविधा दी गयी।

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