बादलों ने रोके रखी रात की ठंड, कल से सर्दी बढ़ने की संभावना

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तहकीकात न्यूज  @  वेब डेस्क . बैकुन्ठपुर


ठंड के मौसम में गर्मी पड़ रही है। सोमवार को काफि गर्म रही। दिन का अधिकतम तापमान 33.4 डिग्री सेल्सियस पहुंच गया। गर्मी के चलते लोगों ने पंखा और एसी का सहारा लिया। आसमान में हल्के बादल छाए रहने के उमस बढ़ी। मंगलवार से मौसम में बदलाव नही होने की संभावना है।
मौसम में लगातार बदलाव और उतार चढ़ाव के कारण गर्मी महसूस हो रही है। दक्षिण पूर्व से आ रही गर्म हवाओं के कारण यह स्थिति बनी है। इस दौरान सोमवार को ष्षहर का अधिकतम तापमान 28 रहा। जबकि न्यूनतम 16 डिग्री सेल्सियस रहा।
इस दौरान न्यूनतम तापमान दो डिग्री गिरावट के साथ 16 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया। मौसम विभाग के मुताबिक 13 जनवरी से उत्तर पूर्वी हवाएं राज्य में प्रवेश करेंगी। जिसके कारण न्यूनतम तापमान में गिरावट आएगी।
नए साल की शुरूआत से इस बार ठंड गायब है। अब मकर संक्राति में ठंड बढ़ने की संभावना जताई जा रही है। मौसम विभाग ने पहले इस दिशा में गाइडलाइन जारी कर 13 जनवरी के बाद तापमान में पांच से छह डिग्री की गिरावट आने संभावना व्यक्त की है।

फिलहाल शहरवासी गर्मी और उमस से त्रस्त हैं। दिन के साथ रात में भी पंखा चलाकर सोना पड़ रहा है। गर्म कपड़ों के बाजार में भी सन्नाटा पसरा हुआ है।
मौसम कि माने तो कोरिया जिले समेत प्रदेश में उत्तर की ओर से ठंडी हवा आ रही है। वहीं दक्षिण-पूर्व से नमी युक्त अपेक्षाकृत गर्म हवा का आना भी जारी है। इसकी वजह से अपलिफ्ट मिल रहा है और बादल बन रहे हैं। यही कारण है कि बीते दिनो में कई क्षेत्रो में हल्की बारिष भी दर्ज की गई है।

14 जनवरी से लौटेगी ठंड
बरसात के बाद आसमान साफ होगा तो ठंड फिर लौटेगी। मौसम विज्ञानियों का अनुमान है कि 13 से 14 जनवरी के बीच न्यूनतम तापमान में 5 से 6 डिग्री सेल्सियस तक की गिरावट हो सकती है। अधिकतम तापमान में भी एक से दो डिग्री की गिरावट संभावित है। उसके बाद तापमान का पारा फिर से चढ़ने लगेगा।

सर्दी में बादलों के बीच बिजली खतरनाक
मौसम विज्ञानियो के मुताबिक विपरीत दिशाओं से आ रही हवाओं की वजह से बादलों में बिजली बनती है। सर्दी के मौसम में घने बादलों के बीच बिजली का बनना अधिक खतरनाक होता है, यानी उसके धरती पर गिरने की संभावना ज्यादा होती है।

तापमान में उतार-चढ़ाव से बच्चे-बुजुर्ग हो रहे बीमार
कोरोना के बाद बर्ड प्लू पर पिछले कुछ दिनों से लगातार तापमान के हो रहे उतार-चढ़ाव से बच्चों और बुजुर्गों को बीमार कर सकता है, पांच साल से छोटी उम्र के बच्चों और 60 साल से ऊपर की उम्र के लोगों में वायरल इंफेक्शन का खतरा बढ़ रहा है। इस सबंध में उाॅ प्रिंस जासवाल बताते हैं कि दो से सात साल तक की उम्र के बच्चों में वायरल डिजीज और विंटर डायरिया की दिक्कत आ सकती है। तापमान ज्यादा होने पर छोटे बच्चे गर्म कपड़े नहीं पहनते, जिस वजह से उनका बॉडी टेम्परेचर बिगड़ता है।

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