तहकीकात न्यूज @ सुरजीत सिंह रैना . मनेन्द्रगढ
छत्तीसगढ़ शासन द्वारा राज्य में बंद एवं उपेक्षित खनन क्षेत्रों को चयन कर एक माह के अंदर कार्ययोजना बनाने का निर्देश सभी जिला कलेक्टर दिया है। उल्लेखनीय है कि प्रदेश में कोयला , मुरूम, चूना पत्थर व गिट्टी खदानों से खनिज निकासी के बाद इन क्षेत्रों को समतल किए वगैर छोड़ दिया जाता रहा है। जिस पर बरसात का पानी जमा होने से पोखरी का निर्माण से आए दिन दुर्घटना की सम्भावना बनी रहती है। अब राज्य सरकार द्वारा इस आपदा को अवसर में बदल कर जल संरक्षण स्रोत व विभिन्न रोजगारमूलक गतिविधियों के संचालन को कार्ययोजना में शामिल करने को कहा गया है।
खोंगापानी में बन सकता है। मछली पालन केंद्र :- खोंगापानी क्षेत्र में एस ई सी एल के द्वारा कोयला निकालने के बाद छोड़े गये गड्ढे में जमा पानी में मछली पालन की असीम सम्भावना नजर आ रही है।
इन मद से होगा काम – उपेक्षित खनन क्षेत्रों में होने वाले व्यय की व्यवस्था नरेगा , डी एम एफ , सी एस आर , पर्यावरण एवं अधोसंरचना मद व अन्य विभागीय योजनाओं में उपलब्ध आबंटन से की जा सकेगी ।
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