तहकीकात न्यूज @ अयुब अंसारी . चिरमिरी
नगर पालिक निगम चिरमिरी में गोधन न्याय योजना जो पूरी तरह फ्लॉप होता नजर आ रहा है जिसमें अब नगर निगम के द्वारा गोबर खरीदी केंद्र छोटा बाजार गोदरीपारा मे गोबर खरीदने का कार्य अस्थाई रूप से बंद किया गया है।
जानकारी के अनुसार छत्तीसगढ़ शासन की बहुप्रतीक्षित गोधन न्याय योजना जिसमें पशुपालकों को ₹2 किलो के हिसाब से गोबर नगर निगम को बेचना था जिससे उनकी आमदनी भी अच्छी खासी हो रही है लेकिन अब नगर निगम के द्वारा गोबर खरीदने का कार्य बंद कर दिया गया है।
जिसमें जानकारी के अनुसार अब तक गोदरी पारा, , और छोटा बाजार में गोबर का ढेर लगा हुआ है।
जबकि अब 40हजार क्विंटल गोबर अब तक स्टाक में पड़ा हुआ है जबकि उसका उपयोग 1% ही हुआ है।
जिसमें गोबर खरीदी का कार्य में महिला स्वयं सहायता समूह को प्रेरित किया जा रहा है साथ ही में भंडारण की व्यवस्था भी करने की बात नगर निगम के अधिकारी कर रहे हैं जिसमें ज्यादा से ज्यादा प्रोडक्ट बनाएं जिससे गोबर से महिला स्वयं सहायता को फायदा हो जिसमें महिला स्वयं सहायता समूह से लगातार बात करके गोबर से कुछ दूसरे प्रकार की चीज बनाने की बात की जा रही है।
तो वहीं दूसरी तरफ नगर निगम क्षेत्र में सफाई व्यवस्था में महिला स्वयं सहायता समूह की महिलाएं जुड़ी हुई है जबकि उन्ही महिला स्वयं सहायता समूह का कार्य गोधन न्याय योजना से भी जुड़ी हुई हैं जिससे समय का अभाव भी हो रहा है।और इस योजना का। पलीता हो रहा है।
पशु पालकों का कहना-लगभग तीन दर्जन से ज्यादा पशु पालकों ने एक ज्ञापन नगर निगम आयुक्त महापौर कलेक्टर और विधायक के नाम सौंपा है जिसमें उन्होंने बताया है कि गोधन न्याय योजना के अंतर्गत नगर निगम के द्वारा गोबर खरीदी का कार्य किया जा रहा था परंतु 23/2 /2021 कोअचानक केवल चिरमिरी क्षेत्र में ही गोबर खरीदी का कार्य बंद कर दिया गया है जबकि छत्तीसगढ़ के अन्य जिले में गोबर खरीदी का कार्य जारी है जो कि नगर निगम चिरमिरी के अंतर्गत गौ पालकों के साथ अन्याय पूर्ण व्यवहार किया गया है । जिसमें जल्द से जल्द गोबर खरीदी का कार्य प्रारंभ कराया जाए गौ पालकों ने बताया है कि गोबर खरीदी केंद्र दुर होने के कारण ये सप्ताह में एक दिन गाड़ी के माध्यम से गोबर खरीदी कैन्द्र ले जाते हैं उन्होंने कहा कि गोबर खरीदी का कार्य प्रारंभ किया जाए।
प्रशांत शुक्ला ई.ई. नगर निगम चिरमिरी” 40 हजार क्विंटल गोबर इकट्ठा हो गया है जबकि उसके उपयोग मात्र 1% ही हुआ है महिला स्वयं सहायता समूह को प्रेरित किया जा रहा है और बरसात आने से पहले भंडारण की व्यवस्था भी नहीं है जो कि सरकार से इंटरेक्शन लेकर किया जाएगा। फिलहाल महिला स्वयं सहायता समूह के माध्यम से गोबर से लकड़ी बनाने की मशीन दिया गया है जबकि पूर्व में कंडा गमला और दिया गोबर से बनाया गया है। जिसमें अनुविभागीय दंडाधिकारी और कलेक्टर कोरिया से चर्चा कर थोड़े दिन के लिए गोबर खरीदने का कार्य स्थगित किया गया है।
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