तहकीकात न्यूज @ वेब डेस्क . बैकुन्ठपुर
हिंदू धर्म में चैत्र नवरात्रि का विशेष महत्व माना गया है। इस साल चैत्र नवरात्रि मंगलवार 13 अप्रैल से शुरू हो रहे हैं और जिनका समापन 22 अप्रैल को होगा। कहा जा रहा है कि अबकी चैत्र नवरात्रि का आरंभ मंगलवार को हो रहा है। इस बार मां दुर्गा का आगमन अश्व यानि घोड़े पर होगा। चैत्र नवरात्रि भी आरंभ हो जाएगी। चैत्र शुक्ल प्रतिपदा को नवरात्रि प्रारंभ होंगे। इसी दिन घटस्थापना की जाती है। चैत्र नवरात्रि के समय ही रामनवमी का पावन पर्व भी आता है। चैत्र नवमी के दिन भगवान राम का जन्म हुआ था, इसलिए इसे राम नवमी कहा जाता है। नवरात्रों की प्रमुख तिथियों में गणगौर पूजा 15 अप्रैल, दुर्गा सप्तमी 19 अप्रैल, दुर्गाष्टमी 20 अप्रैल एवं श्रीरामनवमी 21 अप्रैल को होगी।
जानें चैत्र नवरात्रि की तिथियां
13 अप्रैल- नवरात्रि प्रतिपदा- मां शैलपुत्री पूजा और घटस्थापना
14 अप्रैल- नवरात्रि द्वितीया- मां ब्रह्मचारिणी पूजा
15 अप्रैल- नवरात्रि तृतीया- मां चंद्रघंटा पूजा
16 अप्रैल- नवरात्रि चतुर्थी- मांकुष्मांडा पूजा
17 अप्रैल- नवरात्रि पंचमी- मां स्कंदमाता पूजा
18 अप्रैल- नवरात्रि षष्ठी- मां कात्यायनी पूजा
19 अप्रैल- नवरात्रि सप्तमी- मां कालरात्रि पूजा
20 अप्रैल- नवरात्रि अष्टमी- मां महागौरी
21 अप्रैल- नवरात्रि नवमी- मां सिद्धिदात्री , रामनवमी
22 अप्रैल- नवरात्रि दशमी- नवरात्रि पारण
लोगो को घरो पर पूजा करने के आदेष
जिले के देवी स्थलो व मंदिरों में नवरात्र में श्रद्धालुओं की आस्था का सागर उमड़ता रहा है, मगर इस बार राज्य में कोरोना संक्रमण के रौद्र रूप के कारण ष्षासन ने श्रद्धालुओं की उमड़ने वाली संभावित भीड़ को देखते हुए सार्वजनिक दर्शन और पूजा पर रोक लगा दी है। षासन की ओर से जारी की गई गाईड लाईन में इस नवरात्र में मंदिरों में केवल पुजारी ही पूजा करेंगे। श्रद्धालुओं को अराध्य के दर्शन अंतर्मन से करने होंगे। चैत्र नवरात्र में भक्त मंदिरों में दर्शन, पूजन, पाठ और ध्यान से माता को प्रसन्न् करने का प्रयास करते हैं। नाम के अनुरूप नौ दिन तक चलने वाले इस अनुष्ठान के लिए भक्त माता के दर्शन के लिए बड़ी संख्या में मंदिर जाते हैं। इस दौरान अत्यधिक भीड़ के कारण शारीरिक दूरी का पालन करवाना न तो मंदिर प्रबंधकों के लिए संभव है और न ही प्रशासन के बूते की बात है। श्रद्धालु अपने-अपने घर में ही कलश स्थापना करें और माता के जोत जलाएं। इससे घर के सदस्यों विशेषकर बच्चों में सांस्कृतिक और धार्मिक चरित्र का निर्माण होगा।
as

+ There are no comments
Add yours