स्व सहायता समूह की कृषि सखी सुभद्री ने जैविक बाडी को बनाया अपने आजीविका का आधार

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तहकीकात न्यूज  @  वेब डेस्क . बैकुन्ठपुर

कोरिया जिले के विकासखंड सोनहत के ग्राम रजौली की क्रांति महिला स्व सहायता समूह की सुभद्री राज्य ग्रामीण आजीविका मिशन (एनआरएलएम) बिहान के तहत प्राप्त आजीविका के रूप में जैविक बाडी व कृषि सखी का कार्य कर रही है जिससे उन्हें 50 हजार रुपये से अधिक का लाभ हुआ है।
विकासखंड सोनहत के ग्राम रजौली में बिहान के माध्यम से क्रांति महिला स्व सहायता समूह की सदस्य सुभद्री कृषि सखी के रूप में कार्यरत् है । उनको कृषि सखी के कार्य का 3 वर्षो का अनुभव है। उनके द्वारा अपने जीवन स्तर को सुधार करने की दिशा में आजीविका के संसाधन के रूप मंे कृषि सखी कार्य के साथ-साथ जैविक बाडी का कार्य किया जा रहा है। कृषि सखी व जैविक बाडी का कार्य सुभद्री के द्वारा 2018 से लगातार प्रत्येक वर्ष किया जा रहा हैं। इस कार्य को प्रारंभ करने के लिये प्रोत्साहन स्वरूप उनको विकासखण्ड मिशन प्रबंधन इकाई के माध्यम से आरएफ राशि मंे से 1 हजार 500 व सीआईएफ राशि में से 6 हजार रूपये प्रदान किये गये। साथ ही बैक लोन में से 20 हजार रूपये उपलब्ध कराया गया। जिसमें से इस कार्य को प्रारंभ करने में लागत 20 हजार रूपये प्रतिवर्ष लगा। उनके द्वारा प्रतिवर्ष राशि 72 हजार रूपये सब्जी का विक्रय किया जाता है जिससे उनको शुद्व लाभ 52 हजार रूपये प्रतिवर्ष प्राप्त हुआ।
सुभद्री कृषि सखी के रूप में वर्तमान में 6 हजार रूपये से ज्यादा का आय प्राप्त कर रही है। सुभद्री मानदेय के रूप में प्रतिमाह 1 हजार 500 रूपये, टुल बैक से 500 रूपये प्रतिमाह(सीजनी 8 माह प्रतिवर्ष) व एन.पी.एम. शाॅप से 1 हजार रूपये प्रतिमाह, सब्जी उत्पादन से 4 हजार 400 रूपये प्रतिमाह आय अर्जित कर रही है। उनका मानना है कि वे बिहान से जुड़कर अपने आपको आत्मनिर्भर बनाने में सक्षम हुयी है साथ ही समाज व परिवारजनों के बीच में अपनी नयी पहचान बनाते हुये आर्थिक और सामाजिक रूप से अपनी और अपने परिवारजनों की मदद कर रही है।

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