तहकीकात न्यूज @ वेब डेस्क . बैकुन्ठपुर
जिले में प्याज के दाम अभी से बढ़ने लगे हैं जबकि पिछले साल की तुलना में गर्मी के मौसम के चलते प्याज का दर कम था। इसी वजह से लोग प्याज की बोरी नहीं खरीदे थे। माह मई जून में प्याज की दर 8 से 10 रुपय किलो रहता है। इसी सीजन में ग्रामीण समेत शहर के लोग भी कम दर पर प्याज की बोरी खरीद कर रखते हैं जिसके चलते बार-बार प्याज खरीदने की जरूरत नहीं पड़ती और लंबे समय तक प्याज खरीदना नहीं पड़ता। प्याज के थोक व्यापारियों से मिली जानकारी के अनुसार प्याज के दाम एक हफ्ते में ही 10 रु तक बढ़ गए हैं। दरअसल, जानकार बता रहे कि कुछ दिन पहले हुई भारी बारिश की वजह से काफी मात्रा में प्याज सड़ गया है। ऐसे में महाराष्ट्र के नासिक से आने वाला प्याज 25 फीसद तक भीगा हुआ ही निकल रहा है। माना जा रहा है कि अगर हालात ऐसे ही रहे तो यह दाम 50 रु बढ़ सकते हैं।
बारिश की वजह से हुआ यह हाल
मालूम हो, कुछ समय पहले देश में दो तूफान आए थे, जिस वजह से कई राज्यों को भारी बारिश का सामना करना पड़ा था। इसका असर आलू-प्याज पर भी पड़ा। अब गर्मी और नमी के कारण आलू और प्याज सड़ने लगे हैं। जाहिर है, इसका असर प्याज के दामों पर भी पड़ रहा है। इस बीच मांग कम होने की वजह से और मंडी में भरपूर आवक की वजह से अप्रैल और मई में फुटकर बाजार में प्याज 15 से 20 रुपये किलो बिका। वहीं, अब फूटकर बाजार में 30 रु में बीक रहा है।
10 से 15 फीसद ज्यादा प्याज खराब निकल रहा
अच्छा और सूखा प्याज 30 तो भीगा प्याज 22 से 26 रुपये किलो बेचा जा रहा है। क्योंकि भीगी प्याज तीन दिन से ज्यादा नहीं रखा जा सकता। इसलिए कम दामों में इसे निकाला जा रहा है। पहले के मुकाबले 10 से 15 फीसद प्याज सड़ा निकल रहा है। ऐसे में कई कारोबारियों का लाखों का नुकसान हुआ है। इसलिए छोटी मंडियों में दाम बढ़ना तय माना जा रहा है। हो सकता है जून के अंत तक प्याज का दाम और बढ़ जाए।
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