तहकीकात न्यूज @ वेब डेस्क . बैकुन्ठपुर
कोविड-19 कोरोनावायरस के लाकडाउन समाप्त होने के बाद अनलॉक होते ही शहर की यातायात व्यवस्था चरमरा सी गई है। शहर के मुख्य मार्ग और सड़कों के दोनों ओर खड़े कर दिए जाते हैं। वहीं पुलिस और ट्रैफिक पुलिस दोनों ही कुंभकर्णी नींद में सोए हुए हैं। शहर की ट्रैफिक व्यवस्था पूरी तरह चरमरा चुकी है। हर एक चैक चैराहे पर कोई भी, कैसे भी अपने वाहन खड़े करके चले जाते है। न ही कोई ट्रैफिक व्यवस्था नजर आती है न ही कोई कार्यवाही।
जब से लाकडाउन में ढील मिली है बैकुन्ठपुर के बाजारों में भीड़ बढ़ती जा रही है। बाजारों में हर रोज लग रहे जाम से लोग परेशान हो रहे हैं। बैकुन्ठपुर को जाम से मुक्ति दिलाने के लिए ट्रैफिक पुलिस के पास कोई प्लानिग नहीं है।
बैकुन्ठपुर का बाजार खुलने का समय सुबह 6 बजे से रात 8 बजे तक निर्धारित किया गया है जिसमें रविवार को सम्पूर्ण लॉकडाउन घोषित किया गया है। जिसके कारण लोग सुबह नौ बजते ही बाजार में खरीदारी के लिए आते हैं हैं और अचानक बाजार में भीड़ बढ़ने के कारण ट्रैफिक जाम की स्थिति पैदा हो जाती है। ट्रैफिक व्यवस्था दुरुस्त ना होने के कारण पूरे दिन लोग जाम के झंझट में उलझे रहते हैं। पार्किंग को लेकर भी शहर में कोई स्थान निर्धारित नहीं होने से समस्या बढ़ती जा रही है।
बाजार के अंदर गाड़ियां बन रही जाम का कारण
शहर के अन्दरुनी इलाको के बाजार में सड़कें काफी संकरी हैं और गाड़ियों के अंदर प्रवेश के कारण जाम की स्थिति पैदा हो जाती है। खासकर हनुमान मंदिर के पास भीड ने लोगो को परेशान कर रखा है। लापरवाह कार चालक सड़क के बीच ही अपने वाहनों को खड़ा कर देते हैं।
ये हैं जाम के मुख्य कारण
नो पार्किंग में वाहनों का खड़ा होना, पार्किंग व्यवस्था न होना, ट्रैफिक पुलिस कर्मी की कमी, भारी वाहनों के बाजार में प्रवेश, दुकानदारों का अतिक्रमण।
लाकडाउन के नियमों का नहीं हो रहा पालन
बैकुन्ठपुर को बाजार में सुबह से ही जाम की स्थिति बनी हुई थी। इस दौरान न तो कहीं किसी प्रकार की पाबंदी देखी न ही इस दौरान कोई किसी को रोकने वाला दिखा। इस दौरान न तो शारीरिक दूरी दिखी और न ही लोगों के मुंह पर मास्क दिखा। इसी तरह शहर के बाजार में भी प्रतिदिन लोगों की लगातार भीड़ जमी रही।
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