तहकीकात न्यूज @ वेब डेस्क . बैकुन्ठपुर
क्षेत्र में मानसून के आने के साथ खेती किसानी के कार्य में तेजी आ गई है लेकिन किसानों को बीज के लिए भटकना पड़ रहा है। सोसायटियों में भी धान बीज को छोड़ दिया जाए तो अरहर सहित अन्य दलहन, तिलहन बीज के लिए किसान भटक रहे हैं। ऐसे में किसान प्रारंभिक दिन से ही बीज के लिए भटक रहे हैं, निजी कृषि दुकानों में तो अधिक दाम पर किसानों को बीज बेचा जा रहा है। जानकारी होने के बाद भी विभागीय अधिकारी बीज भंडारण को लेकर विशेष रुचि नहीं दिखा रहे हैं।
मानसून के सक्रिय होते ही बारिश ने बैकुन्ठपुर क्षेत्र को तरबतर कर दिया है। इससे आम जनों को गर्मी से राहत मिली है वही इनका लाभ किसानों को भी मिल रहा है। खरीफ की फसल धान की बुवाई का कार्य इन दिनों तेजी पर है। अधिकतर किसान खेतों पर नजर आ रहे हैं। स्थिति यह है कि किसानों को स्थानीय स्तर पर जो साधन सुविधा मिल रही है वे उसका उपयोग कर तुरंत बोनी के कार्य को निपटाने में लगे हैं।
वहीं इस कार्य में किसानों के जुटने के कारण क्षेत्र में ट्रैक्टर व आधुनिक उपकरणों की डिमांड बढ़ गई है, जबकि वनांचल क्षेत्रों में अब भी परंपरागत हल व उपकरण का उपयोग कर बोनी के कार्य में जुड़ गए हैं। गौरतलब हो कि क्षेत्र में खरीफ की फसलों के रूप में धान की फसल को किसान प्रमुखता से लेते हैं। क्षेत्र में खरीफ की फसल के रूप में धान की फसल को किसान प्रमुखता से लेते हैं। इस संबध में किसानो का कहना है कि वे धान की पारंपरिक खेती करते आ रहे हैं। वही बोनी के लिए हल व नांगर का उपयोग करते हैं।
वर्मी कम्पोस्ट खाद की बिक्री में तेजी
क्षेत्र में वर्मी कंपोस्ट खाद की बिक्री लगातार बढ़ रही है विभागीय अधिकारियों के द्वारा बिक्री को लेकर विभिन्न निर्देश दिए जा रहे हैं। इसी कड़ी मे क्षेत्र में कलेक्टर ने वर्मी कम्पोस्ट की बिक्री के सख्त निर्देश दिए थे, इसके बाद वर्मी कम्पोस्ट की बिक्री में तेजी आई है। वहीं वर्मी कम्पोस्ट के निर्माण में भी तेजी आई है। कलेक्टर ने जिले के अनुविभागीय अधिकारी, समस्त शाखा प्रबंधक, समिति प्रबंधक, ग्रामीण कृषि विस्तार अधिकारी एवं एवं सहकारिता विभाग के अधिकारियों को वर्मी कम्पोस्ट के विक्रय के संबंध में गहन समीक्षा की थी। उन्होंने कहा है कि गोधन न्याय योजना से उत्पादित वर्मी कम्पोस्ट का उपयोग किसानों के अतिरिक्त कृषि, सहकारिता, उद्यानिकी, बीज निगम व रेशमपालन सहित अन्य विभाग, विभागीय योजनाओं से लाभान्वित होने वाले किसानों के लिए वर्मी कम्पोस्ट का उपयोग करें। गोठान में लगातार वर्मी कम्पोस्ट की छनाई और पैकिंग का कार्य महिला समूहों द्वारा किया जा रहा है।
बोआई में जुटे किसान
कुछ दिनों से रुक-रुककर बारिश हो रही है। खेतों में नमी देखने को मिल रही है। बारिश के बाद किसान खरीफ फसल की तैयारी में जुट गए हैं। किसानों का कहना है कि 15 जून के बाद मौसम को देख कर धान बोआई का कार्य भी किया जा रहा है। नवतपा के बाद हुई तेज बारिश के बाद किसानों ने अकरस जुताई का काम शुरू कर दिया है। खेतों में नमी आ जाने से किसान जोताई के कार्य में जुटे हैं।
किसान पारंपरिक पद्घति बैल हल से व ट्रैक्टर से खेतों की जोताई कर रहे हैं। इधर, किसान सोसायटी में धान बीज संग्रह कर चुके हैं। इन दिनों किसान सोसायटियों से नगद एवं ऋण से खाद बीज ले जा रहे हैं। मानसून के आगमन से सभी किसान खेती की ओर रुख करने लगे हैं। खेतों की साफ-सफाई और घुरवा खाद डालने का कार्य जोरों पर है। खुर्रा जोताई द्वारा खेतों के खरपतवार को नष्ट करने का कार्य भी किसानों ने अपने हाथों में ले रखा है ।
कोरिया जिले में अब तक 129.7 मिमी औसत वर्षा दर्ज
भू-अभिलेख षाखा के अधिकारियों ने बताया कि जिले के सभी तहसील में आज सबेरे समाप्त 24 घण्टे के दौरान 9.6 मिमी औसत वर्शा दर्ज की गई है। इस दौरान सर्वाधिक 20.8 मिमी औसत वर्शा बैकुण्ठपुर तहसील में दर्ज की गई है। इसे मिलाकर पूरे जिले में एक जून से अब तक 129.7 मिमी औसत वर्शा दर्ज की गई है। उन्होंने बताया कि 01 जून 2021 से 17 जून 2021 तक बैकुण्ठपुर तहसील में 152.6, सोनहत तहसील में 208.0, मनेन्द्रगढ तहसील में 111.8, खड़गवां तहसील में 126.5, चिरमिरी तहसील में 143.5, भरतपुर तहसील में 119.2 और केल्हारी तहसील में 46.3 मिमी औसत वर्षा दर्ज की गई है।
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