आरटीई कानून के तहत नर्सरी में प्रवेश से दिए जाने की मांग

Estimated read time 0 min read

बैकुंठपुर।

छत्तीसगढ़ प्राइवेट स्कूल एसोसिएशन असहयोग आंदोलन जो की 1 मार्च से लगातार चल रहा है। जिसमें कोरिया जिला संगठन के विद्यालयों में भी असहयोग आंदोलन चल रहा है जिस पर प्राइवेट स्कूल संचालक शासन के किसी भी कार्यों में सहयोग प्रदान नहीं करेंगे। संगठन के लोगो ने बताया कि गत 17 अप्रैल को पूरे छत्तीसगढ़ के अशासकीय विद्यालयों द्वारा काली पट्टी लगाकर कार्य किया गया। तत्पश्चात 18 अप्रैल को सामूहिक विद्यालय बंद किया गया था इसी कड़ी में आज 23 अप्रैल को शिक्षा मंत्री को प्रत्येक विद्यालय द्वारा डाक के माध्यम से ज्ञापन भेजा गया ।

जिसमें विघालयो ने मांग किया है कि शिक्षा के अधिकार कानून में निजी स्कूलों को दी जाने वाली प्रतिपूर्ति राशि का निर्धारण शासकीय विद्यालय में प्रति विद्यार्थी होने वाले व्यय जितनी राशि देने का नियम है। वर्तमान में स्कूल शिक्षा विभाग का व्यय प्रति विद्यार्थी 22,000 से भी ज्यादा है। सगठन का कहना है कि शासन स्कूल शिक्षा विभाग को निर्देशित करें कि इस वर्ष से इतनी ही राशि निजी स्कूलों को दी जाये। शिक्षा के अधिकार के अंतर्गत नर्सरी कक्षा में प्रवेश चाहने वाले बहुत से पालक हमारे विद्यालयों में पहुंच रहे हैं जिनका नर्सरी कक्षा में प्रवेश, एंट्री क्लास बदल देने के कारण बाधित हो गया है।

You May Also Like

More From Author

+ There are no comments

Add yours