न्यूनतम तापमान सामान्य से चार डिग्री उपर, रात में भी सताने लगी गर्मी……लू चलने की चेतावनी व आंधी-तूफान और बिजली की आशंका

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लू चलने की चेतावनी व आंधी-तूफान और बिजली की आशंका

बैकुंठपुर।

बैकुंठपुर सहित पूरे क्षेत्ऱ में तेज गर्मी के बीच अब मौसम में हल्का बदलाव देखने को मिल सकता है। मौसम विभाग की माने तो प्रदेश में एक साथ कई मौसमी सिस्टम सक्रिय हैं, जिनमें पश्चिमी विक्षोभ, चक्रीय परिसंचरण और द्रोणिकाएं शामिल हैं। इनके प्रभाव से जहां एक ओर तापमान सामान्य से ऊपर बना हुआ है। वहीं दूसरी ओर कुछ क्षेत्रों में गरज-चमक के साथ हल्की बारिश और तेज हवा चलने की संभावना जताई गई है।

बैकुंठपुर में अधिकतम तापमान 42 डिग्री सेल्सियस तक पहुंच गया है, जो सामान्य से 04 डिग्री अधिक है, जबकि न्यूनतम तापमान भी 25 डिग्री के आसपास बना हुआ है। पूरे क्षेत्र में अगले कुछ दिनों तक ग्रीष्म लहर यानी लू चलने की चेतावनी जारी की गई है। वहीं पर मौसम विभाग ने बस्तर और उत्तर छत्तीसगढ़ के कुछ जिलों में आंधी-तूफान और बिजली गिरने की आशंका भी जताई गई है, जिससे लोगों को सतर्क रहने की सलाह दी गई है। पूरे क्षेत्र में गर्मी का असर लगातार बढ़ता जा रहा है। न्यूनतम तापमान भी सामान्य से चार डिग्री अधिक बना हुआ है, जिससे रात में भी राहत नहीं मिल रही। मौसम विभाग के अनुसार अगले दो दिनों तक तापमान में ज्यादा बदलाव नहीं होगा, लेकिन इसके बाद फिर से गर्मी बढ़ने की संभावना है।

मौसम विभाग ने कुछ ईलाको में गरज-चमक के साथ हल्की बारिश और तेज हवा चलने की चेतावनी जारी की है। क्षेत्रों में 30 से 50 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से हवा चल सकती है। साथ ही वज्रपात का भी खतरा बना हुआ है। लोगों को खुले मैदान और पेड़ों के नीचे खड़े होने से बचने की सलाह दी गई है।

लू और गर्म रातें बढ़ाएंगी परेशानी

अगले चार से पांच दिनों तक लू चलने की संभावना है। इसके साथ ही उष्ण रात्रि की स्थिति भी बन सकती है, जिसमें रात का तापमान सामान्य से काफी अधिक रहता है। इससे लोगों को रात में भी गर्मी से राहत नहीं मिलती। स्वास्थ्य विशेषज्ञों के अनुसार इस मौसम में डिहाइड्रेशन, हीट स्ट्रोक और थकान की समस्या बढ़ सकती है। इसलिए पर्याप्त पानी पीने और धूप में निकलने से बचने की सलाह दी गई है।

परिवर्तन के पीछे कई सिस्टम सक्रिय

प्रदेश में मौसम परिवर्तन के पीछे कई सिस्टम सक्रिय हैं। जम्मू-कश्मीर के ऊपर पश्चिमी विक्षोभ, राजस्थान और असम के आसपास चक्रीय परिसंचरण और बिहार से मध्य प्रदेश तक फैली द्रोणिका का असर छत्तीसगढ़ पर पड़ रहा है। इसके अलावा दक्षिण भारत तक फैली हवा की अनियमितता भी मौसम को प्रभावित कर रही है। इन सभी कारणों से प्रदेश में एक तरफ गर्मी बनी हुई है तो दूसरी ओर अचानक मौसम बदलने की स्थिति बन रही है।

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