तहकीकात न्यूज @ वेब डेस्क . बैकुन्ठपुर
शासकीय नवीन कन्या महाविद्यालय बैकुण्ठपुर के हिन्दी विभाग द्वारा कबीर जयंती के अवसर पर कबीर और आज का समय विषयक आॅनलाइन एकल व्याख्यान आयोजित किया गया। इस व्याख्यान के वक्ता युवा कवि व अलोचक डाॅ. मृत्युंजय त्रिपाठी अंबेडकर विश्वविद्यालय दिल्ली ने कार्यक्रम की शुरूआत महाविद्यालय की प्राचार्य डाॅ. रंजना नीलिमा कच्छप के स्वागत उद्बोधन से हुई। उन्होंने डाॅ. त्रिपाठी का स्वागत करते हुए कहा कि कबीर की बातें आज से 600 साल पहले जितनी महत्वपूर्ण थीं आज भी उतनी प्रासंगिक हैं। इसके पश्चात डाॅ. मृत्युंजय त्रिपाठी ने कहा कि कबीर को समझने से पहले हमें यह जानने की जरूरत है कि कबीर का जन्म किन परिस्थितियों में हुआ।
अपनी बात को आगे बढ़ाते हुए उन्होंने कहा कि यह हमारा दुर्भाग्य है कि किसी कवि की 500-600 साल पहले कही हुई बात आज भी सही साबित हो रही है। कबीर ने जिन बुराईयों पर उस समय चोट की थी वे आज भी हमारे समाज में मौजूद हैं। कबीर कहते हैं कि ईश्वर तक पहुंचने का रास्ता प्रेम के माध्यम से होकर जाता है और वह प्रेम ऐसा है जिसमें सबसे पहले अपने मैं को खत्म करना पड़ता है।
आज धर्म को लेकर जिस तरह की नफरत का सामना हम लोगों को करना पड़ रहा है वह धर्म और ईश्वर की गलत अवधारणा बनाये जाने के कारण है। कार्यक्रम में महाविद्यालय के समस्त स्टाफ, बड़ी संख्या में छात्राओं के साथ साथ साइंस काॅलेज अम्बिकापुर से डाॅ. नीलाभ कुमार, हाॅलीक्रास अम्बिकापुर काॅलेज से डाॅ. मृदुला सिंह, खड़गवां काॅलेज से डाॅ. दीपक सिंह जुड़े रहे। कार्यक्रम का संचालन और धन्यवाद ज्ञापन विभागाध्यक्ष हिन्दी डाॅ. कामिनी ने किया।
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