तहकीकात न्यूज @ वेब डेस्क . बैकुन्ठपुर
क्या छत्तीसगढ भी अब बिहार बनता जा रहा है। हम एैसे ही ये नही कह रहे है बिहार के पटना में एम्बुलेंस से चूना और ब्लीचिंग पाउडर के ढोये जाने की घटना उस समय बहुत छोटी लगती है जब छत्तीसगढ के कोरिया जिले के जिला मुख्यालय बैकुन्ठपुर के जिला अस्पताल में एक अदभूत चौकाने वाला दृश्य देखने के बाद हमारी तो ऑखे फटी रही गई। जब यह नजारा देखने को मिला कि मरिजो की सुविधा के लिए उपयोग में आने वाले एबुलेंस ने जिला अस्पताल का मेडिकल कचरा ढोया जा रहा है।
यह बात समान्य नही है कोविड काल में जहा सरकार और जिला प्रशासन लगातार कोरोना की तीसरी लहर को रोकने लोगो से गुहार लगा रहे है वही पर जिस एम्बुलेंस से बीमारो और उनके तामीरदारो को लाने ले जाने का काम किया जाना चाहिए उससे मेडिकल कचरा ढोया जाना कितना बढा गुनाह है। इसका आंकलन स्वास्थ्य विभाग करें। किन्तु जिस प्रकार से कार्य किया जा रहा है
उससे एबुलेंस में बैठने वालो की सुरक्षा का क्या होगा इसका जवाब देने वाला कोई है। अब इस संक्रमण काल में मेडिकल कचरे ढोये जाने वाले एबुलेंस में यदि कोई मनुष्य बैठता है तो इस सं्रमकण काल में उसका क्या होगा इसका जवाब भगवान ही दे सकते हैं। बेहतर होगा कि प्रदेश के स्वास्थ्य मंत्री के संभाग में उनके नाम को बदनाम करने वालो पर संज्ञान लेकर कार्यवाई की जाये।
पहले भी कारनामें कर बचते रहे है गुनहगार
स्वास्थ्य व्यवस्था की पोल खोलने वाली एक और घटना इससे पूर्व भी बैकुन्ठपुर के जिला अस्पताल में साल भर पहले एबुलेंस से मरिजो से पैसे लेकर मरीजों को रायपुर के अस्पताल तक ले जाने की शिकायत हुई तो मामले को जॉच के नाम पर दबा कर फाईल बंद कर दिया गया था।
प्रदेष के मुखिया को दे रहे धोखा
प्रदेश के मुखिया भूपेश बघेल अधिकारियो से जिस जवाबदेही की बता कहते है वह उस समय खत्म हो जाती है जब गलत करने वाले को बचाने के लिए पूरा अमला खडा हो जाता है। एैसे में इन जिम्मेदारो द्धारा प्रदेश के मुखिया को धोखा ही दिया जाता रहेगा। जब तक गुनहगारो को बचाने के बजाय सजा दिलाने विभाग कमर नही कसेगा। वैसे वर्तमान स्वास्थ्य अमले से एैसी आशा करना बेईमानी ही होगा। क्येकि यहा तो पूरा हमाम ही नंगा नजर आता है।
क्या बोले जिम्मेदार………….
मैं इस तरह के घिनौना कार्य करने वाले कदापि बर्दास्त नही करुंगा। मैं खुद इसकी मोनेटरिंग करुगा।
श्याम घावडे – कलेक्टर बैकुन्ठपुर कोरिया
इस तरह की किसी हरकत को बर्दास्त नही किया जायेगा। मैं जिला अस्पताल अधिक्षक से बात करता हॅू।
डॉ. रामेश्वर षर्मा – सीएचएमओ बैकुन्ठपुर कोरिया
मुझे इस बात की जानकारी नही है कि किसी एबुलेंस से कचरा कैंसे ढोया जा सकता है। मैं पता करता हॅू।
डॉ. सुनिल गुप्ता – जिला अस्पताल अधिक्षक बैकुन्ठपुर
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