सिर्फ एक कार्यवाई से क्या होगा, सैकडो दुकानो पर सरेआम ठगे जा रहे हैं अन्नदाता

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Baikunthpur @ Tahkikat News

खेती की फसलों की बोवनी का सीजन आते ही बाजार में अमानक स्तर के खाद-बीज और कीटनाशक दवाओं की दुकानें हर गली चौक पर संचालित हो रही हैं। इन दुकानदारों के पास न दवाएं बेचने का लाइसेंस है और न ही यह प्रमाणित दवाएं और खाद बीज बेच रहे हैं। जिसमें किसानों को आर्थिक नुकसान हो रहा है। साथ ही फसलों के खराब होने पर परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। लगातार षिकायतो के बावजूद कार्यवाई नही होने के बाद कोरिया कलेक्टर ष्याम धावडे ने सख्त रुख अपनाते हुए कृषि विभाग के अधिकारियों को कार्यवाई करने को विवश कर दिया।
गत दिवस बैकुंठपुर के भाड़ी चौक पर शुभम कृषि केंद्र में अवैध रूप से खाद एवं कीटनाशक का विक्रय करते पर कोरिया कलेक्टर ने दुकान को सील करा दिया। बताया जा रहा है कि जब विभाग ने दुकान पर छापा मारा तो दुकान संचालक मनोज साहू अधिकारियो को कोई वैध दस्तावेज नही दिखा पाया। विभाग ने जानकारी देते हुए बताया कि दुकान के द्धारा गलत तरिके से किसानों को किटनाशक व खाद बिक्री किया जा रहा था । इस संबंध में जब विभाग ने दुकानदार से दस्तावेज उपलब्ध कराने की बात कही तो दुकानदार के द्वारा किसी भी प्रकार के वैध दस्तावेज न ही खा0 स्टाक पंजी उपलब्ध कराई सकी। जिस कारण उर्वरक अधिनियम 1985 एवं कीटनाशक अधिनियम 1968 के उल्लंघन किए जाने के तहत विभाग ने प्रतिष्ठान को तत्काल प्रभाव से सील कर दिया । गौरतलब हो कि कोरिया कलेक्टर श्याम धावडे के निर्देश पर विभाग सक्रिय नजर आ रहा है इस दौरान आगामी आदेश तक प्रतिष्ठान से किसी प्रकार की समाधि विक्रय करने पर प्रतिबंध लगा दिया गया है । इस कार्यवाही में उर्वरक निरीक्षक पीएल तिवारी कृषि विकास अधिकारी बैकुंठपुर के साथ रितेश साहू एवं राजेंद्र गुप्ता आदि विभागीय अधिकारी कर्मचारी उपस्थित रहे। वही पर दस्तावेज व दुकान में मौजूद सामग्री का बील नही दिखा पाने के संबध लोगो ने बताया कि यह सब सहकारी समितियो का खाद्ध है इसलिए इनके पास कोई ठोस दस्तावेज नही है। अब इसमें कितनी सच्चाई है यह बात तो जाच के बाद ही सामने आएगी। वही पर दूकान संचालक षुक्रवार को

विभाग के आर्शीवाद से चल रही हैं सैकडो दुकाने

कृषि विभाग के आर्शीवाद से ही जिले के शहर से ग्रामीण इलाकों तक गली-गली खुली बिना लाइसेंस बीज दुकानों से किसानों को भारी चपत लग रही है। इनका कारोबार धड़ल्ले से चल रहा है। किसान दिनदहाड़े ठगे जा रहे हैं। तय दरों से तीन-चार गुना तक अधिक में दुकानदार बीज कीटनाशक समेत अन्य सामान बेच रहे हैं।

लगातार शिकायत करने के बाद भी कार्रवाई नहीं

क्षेत्र में अमानक खाद-बीज और कीटनाशक दवाओं को खरीदने से उनके खेत की फसलों को नुकसान होने की शिकायत कृषि विभाग के अधिकारियों से शिकायत दर्ज कराई जा चुकी है लेकिन कृषि विभाग के अधिकारियों के द्धारा कार्यवाई नही करने के कारण क्षेत्र में बड़े पैमाने पर खाद बीज और दवाईयों का गोरखधंधा अपने चरम पर आ रहा था।

एक लाइसेंस, चलाई जाती हैं कई दुकानें

कृषि विभाग से जारी एक लाइसेंस पर दुकानदार दो से तीन दुकानों का संचालन कर रहे हैं। जिनमें खाद बीज और दवाइयां बेची जाती हैं उनके द्वारा एक लाइसेंस पर कस्बों और ग्रामीण क्षेत्र में दो-दो दुकानों का संचालन हो रहा है। जो कि नियम विरूद्ध है। लेकिन कृषि विभाग के अफसरों को जानकारी होने के बाद भी जांच नहीं की जाती है। जिसके चलते अमानक बीज बेचने वालों के हौंसले बुलंद हैं।

सैंपलिंग के महीनों बाद आती है रिपोर्ट

अमानक खाद बीज और नकली दवाओं को बेचने वाले कारोबारियों पर प्रशासन ने कार्रवाई करने के लिए कृषि विभाग के अधिकारियों की टीम बना रखी है लेकिन जिले भर में किसी भी दुकानदार के खिलाफ अब तक न तो कोई कार्रवाई की गई है और न ही किसी दुकानदारों के सैंपल भरे गए हैं। उधर सैंपल लेने के बाद भी रिपोर्ट भी दो महीने के बाद ही मिलती है जब तक बोवनी पूरी हो चुकी होती है और कई दुकानदार अपनी दुकानों को बंद कर देते हैं।

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