जिला अस्पताल बैकुन्ठपुर के जन औषधि केन्द्र की जॉच में बडे कारनामे आये सामने
Baikunthpur @ Tahkikat News
कोरिया जिला अधिकारियो के करनामो के लिए कुख्यात तो पहले से था ही अब इसमें एक और कारनामा जुडता नजर आ रहा है जिसमें बैकन्ठपुर जिला अस्पताल परिसर में स्थित जन औषधि केंद्र के संचालन एवं कार्य दायित्व के निर्वाहन में लापरवाही बरतने के कारण कोरिया कलेक्टर श्याम धावडे ने उन्हे कारण बताओ नोटिस जारी कर उनसे 3 दिन के भीतर जवाब मांग है। कोरिया कलेक्टर के रुख को देखते हुए अब यह लगने लगा है कि वे अब जिम्मेदारो को बखसने के मुड में नही है। गौरतलब हो कि कलेक्टर कोरिया के द्वारा दिनांक 17 या 18 जुलाई 2021 के मध्य रात्रि को जिला अस्पताल बैकुंठपुर के साथ-साथ अस्पताल परिसर में मरीजों 24/7 दवाइयां उपलब्ध कराने हेतु संचालित जन औषधि केंद्र का औचक निरीक्षण किया गया था। जाच के दौरान पाई गई कमियों पर जांच की कार्यवाई करते हुए जन औषधि केंद्र से संबंधित दस्तावेजों का अवलोकन एवं परीक्षण किया गया। जिसमें बहुत सी कमियां परिलक्षित हुई है जोकि प्रधानमंत्री भारतीय जन औषधि परियोजना के दिशानिर्देशों का स्पष्ट उल्लंघन किया जाना है।
जवाब नही दिया तो कार्यवाई तय
कोरिया कलेक्टर श्याम धावडे ने जिले के मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी से कहा है कि आपका यह कृत्य पदीय दायित्वों के निर्वहन में लापरवाही का परिचायक है और छत्तीसगढ़ सिविल सेवा नियम का स्पष्ट उलंघन है । क्यों न आप के विरुद्ध अनुशासनात्मक कार्यवाही प्रस्तावित की जाए? आप उक्त संबंध में 3 दिवस के भीतर उचित कारण सहित अपना स्पष्टीकरण दें अन्यथा आपके विरुद्ध की जाने वाली अनुसाशनात्मक कारवाई के लिए आप स्वंय ही जिम्मेदार होंगे।
जॉच में बडी मात्रा में मिली एक्सपायरी दवायें
कोरिया कलेक्टर ने सीएचएमओ को जारी किये नोटिस में पूछा है कि जांच के दौरान एक्सपायरी दवाइयों का जन औषधि केंद्र मे पाया जाना आपके द्वारा अपने पदीय दायित्वों के निर्वहन में की जा रही घोर लापरवाही व उदासीनता को दर्शाता है। जोकि औषधि एवं प्रसाधन सामग्री नियमावली 1945 के नियम 65 (17 ) का उल्लंघन है। आपके द्वारा जन औषधि केंद्र का समय-समय पर निरीक्षण नही की जाने कारण ऐसी स्थिति निर्मित हुई है । इसलिए आपके इन आचरणो के कारण बीमारो के जीवन पर इसका दुष्प्रभाव का परिलक्षित हो सकता था।
बैगर लाईसेंस के चल रही था जन औषधि केंद्र
जन औषधि केंद्र के संचालन हेतु जन औषधि केंद्र के संचालन के पास औषधि केंद्र के संचालन एवं दवाइयों का स्टोर करके रखने हेतु कंडिका-जी के अनुसार पीएमबीयू केंद्र के नाम पर जारी वैध लाइसेंस होना अति आवश्यक है परंतु जांच की कार्यवाही में संचालक के पास औषधि केंद्र के संचालन का पीएमबीयू केंद्र से लाइसेंस हेतु आवेदन भी नहीं किया गया । जोकि अत्यंत आपत्तिजनक है। वर्तमान में जन औषधि केंद्र के संचालक के पास उपलब्ध लाइसेंस पीएमबीयू केंद्र के नाम पर नहीं पाया जाना प्रधानमंत्री भारतीय जन औषधि केंद्र द्वारा जारी दिशानिर्देशों का स्पष्ट उल्लंघन है।
दवा खरीदी के रिकार्ड दप्तर से गायब
जिला अस्पताल परिसर बैकुंठपुर के जिला जन औषधि केंद्र के समस्त तरह के बिल से संबंधित कार्य हेतु पीएमबीयू द्वारा उपलब्ध कराए गए बिलिंग के सॉफ्टवेयर का उपयोग करते हुए प्रिंटेड बिल का उपयोग किया जाना था। परंतु प्रधान मंत्री भारतीय जन औषधि केंद्र अंतर्गत विक्रय किए गए किसी भी दवाई का बिल कंप्यूटर पर एवं पीएमबीयू द्वारा प्रदत्त सॉफ्टवेयर के माध्यम से न जारी करते हुए मैनुअल किया गया है परंतु यह अत्यंत खेद विषय है एवं जन औषधि केंद्र में मैनुअल जारी किए गए बिल के रिकॉर्ड के साथ खरीदी के बिल भी कार्यालय में उपलब्ध नहीं है जोकि संचालक के साथ-साथ आपके निगरानी में लापरवाही को उजागर करता है।
बीना अनुमति के प्राईवेट व्यक्ति को दे दिया औषधि केन्द्र
जिला जन औषधि केंद्र के संचालन एवं आबंटन की जिम्मेदारी रेडक्रास सोसाइटी को दी गई थी परंतु दिनांक 23 अगस्त 2019 को सीएचएमओे द्वारा एक समिति का गठन कर 24 अगस्त 2019 को निविदा जारी करते हुए रेडक्रोस सोसाइटी को आबंटित दुकान को निविदा जारी कर दे दिया गया। रेडक्रास सोसायटी के अध्यक्ष कलेक्टर से निविदा जारी करने से पहले कलेक्टर से अनुमोदन नहीं लिया गया। सीएचएमओ केे द्वारा अपने अधिकारिता से बाहर जा कर काम किया जाना पाया गया। जोकि नियमों का स्पष्ट उल्लंघन एवं आपत्तिजनक है। प्रधानमंत्री भारतीय जनऔषधि परियोजना के दिशा निर्देशों का पालन नहीं करते हुए जन औषधि केंद्र के संचालन की जिम्मेदारी किसी प्राइवेट हाथों में देना जानबूझकर की गई घोर लापरवाही होना पाया गया।
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