Baikunthpur @ Tahkikat News
एक बार फिर धान का मुद्दा गरमा गया है वही संबंध में जिला सहकारी केंद्रीय बैंक सरगुजा के अध्यक्ष रामदेव राम ने बडा बयान देते हुए कहा है कि धान शॉर्टेज के लिए जिम्मेदारों पर कार्रवाई हो। उन्होने कहा कि सभी समितियों से मार्च तक धान का उठाव हो जाना था फिर अप्रैल मई जून और जुलाई में जिम्मेदार अधिकारी क्यों सोते रहे और अब अचानक जागकर यह कह रहे हैं कि धान शार्टेज के लिए समिति प्रबंधक जिम्मेदार है । उन्होंने कहा कि दोषी लोग हमेशा ही छूट जाते रहे और अंत में समिति प्रबंधकों को तमाम तरह के दबाव डालकर जिम्मेदार ठहरा दिया जाता था । अब ऐसा नहीं होगा पूरे सरगुजा संभाग की समिति प्रबंधक बेईमान नहीं हो गए है। जो सभी पर एकमुश्त एफआईआर दर्ज कराने की बात कही जा रही है।
मैं आपके माध्यम से अधिकारियों को सूचित करना चाहता हूं कि समिति प्रबंधक ढोल नहीं है जिसे जब चाहो बजा दो । पहले मामले की जांच करें कि समितियों में समय पर धान क्यों नहीं उठा । उठाव न होने के पीछे कौन-कौन से लोग जिम्मेदार थे उसके बाद यदि पाया जाता है कि समिति प्रबंधकों ने कोई गलती की है तब किसी पर कार्रवाई करें तो आवाज भी होगा । इस तरीके के गैर अनुचित कार्यों को हम कतई बर्दास्त नहीं करेंगे । इसलिए इसे मेरी चेतावनी समझी जाए और एफआईआर कराने से पहले जांच कराकर जिला विपणन अधिकारियों सहित दूसरे जिम्मेदारों की भी जिम्मेदारी पहले तय की जाए उसके बाद समिति प्रबंधकों पर ठीकरा फोड़े।
गौरतलब हो कि इस मामले में जिला सहकारी केंद्रीय बैंक के मुख्य कार्यपालन अधिकारी ने समिति केंद्र प्रभारियों के खिलाफ एफआईआर दर्ज करने के निर्देश जारी किए जाने के बाद समिति प्रबंधको ने भी अब इसके इतर र्माेचा खेल दिया है और इधर समिति केंद्र प्रभारियों ने निष्पक्ष जांच कराने की मांग की है। सरगुजा संभाग के सरगुजा, सूरजपुर, बलरामपुर के साथ कोरिया जिले में खरीफ विपणन वर्ष 2020-21 में 4781 क्विंटल का धान शॉर्टेज हो गया है।
वही पर विभाग का कहना है कि इसके भौतिक सत्यापन के बाद इस कोरिया जिले में 4781 क्विंटल धान जिसका किमत 1865 रु प्रति क्विंटल 89 लाख 16 हजार 653 बताई जा रही है। इस मामले के सामने आने के बाद सहकारी केंद्रीय बैंक प्रबंधन द्वारा ऐसे उपार्जन केंद्रों की विशेष आडिट और वसूली के अलावा एफआइआर दर्ज करने की तैयारी की जा रही है। जिला सहकारी केंद्रीय बैंक के मुख्य कार्यपालन अधिकारी द्वारा चारों जिले के नोडल अधिकारी और शाखा प्रबंधकों को पत्र प्रेषित कर नियमानुसार कार्रवाई कर प्रतिवेदन प्रस्तुत करने का निर्देश दिया गया है।
जॉच कराने की मांग पर अडे समिति प्रबंधक
समिति के सरगुजा संभाग के अध्यक्ष प्रभाकर सिंह ने बताया कि कई समिति केंद्रों में अभी धान जाम पड़ा है वही बारिश के मौसम में धान भीग कर खराब हो रहा है जबकि धान का उठाव कराने के बजाए समिति केंद्र प्रभारियों पर एफआईआर दर्ज करने के निर्देश भी जारी किया गया है इस मामले में समिति केंद्र प्रभारियों ने सरकार से निष्पक्ष जांच कराने की मांग की है। लिहाजा खरीफ विपणन वर्ष 2020-21 में कोरिया जिले में धान का बंफर उत्पादन हुआ। समर्थन मूल्य के अलावा बोनस के कारण धान का रकबा भी बढ़ा था और खरीदी के पहले दिन से ही समितियों में धान की आवक भी शुरू हो गई थी। धान खरीदी पूर्ण होने के बाद समितियों से संग्रहण केंद्र से उठाव व कस्टम मिलिंग का काम चल रहा है। उपार्जन केंद्रों द्वारा खरीदे गए धान के मिलान और भौतिक सत्यापन के बाद जिले में अप्रत्याशित कमी सामने आई है।
समय पर उठाव नही, अब हम पर टांग रहे फांसी
इधर इस मामले के सामने आने के बाद कोरिया जिले के समिति प्रबंधक लामबंद हो गए हैं। समिति प्रबंधकों का कहना है कि समय पर धान का उठाव नहीं होने के कारण यह स्थिति निर्मित हुई है। साथ ही धान समिति केंद्रों में बफर स्टॉक से ऊपर धान जाम होने के बाद भी धान का उठाव समय पर तो छोडिये 100 दिन बीतने के बाद भी नही किया गया। जिसका ठीकरा अब समिति प्रबंधकों पर फोड़ा जा रहा है। वही नियमों का हवाला देते हुए समिति प्रबंधकों ने कहा कि बंपर लिमिट से ऊपर धान जाम होने के बाद 72 घंटे के भीतर धान का उठाव हो जाना चाहिए था।
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