Baikunthpur @ Tahkikat News
आयुष्मान कार्ड से उपचार के लिए कई पैकेज समाप्त कर दिए गए हैं, जिससे मरीजों को भारी परेशानी हो रही है। जरूरतमंद मरीजों को नकद राशि देकर निजी अस्पतालों में उपचार कराना पड़ रहा है। ऐसी कई बीमारियों के उपचार व आपरेशन की सुविधा जिला अस्पताल में नहीं है।
बीपीएल व एपीएल परिवारों को शासन से जारी आयुष्मान कार्ड में 50 हजार से पांच लाख तक शासकीय व निजी अस्पतालों में निशुल्क उपचार की सुविधा है, लेकिन इस कार्ड से शासन ने कई बीमारियों के उपचार की सुविधा हटा दी है, जो मरीजों व उनके स्वजनों के लिए मुसीबत बनी हुई है।
बैकुन्ठपुर जिला अस्पताल में मरिजो के परिजनो का कहना है कि आयुष्मान कार्ड में सामान्य प्रसव, गर्भाशय आपरशेन, सिजेरियन, बुखार, सिर दर्द, नसबंदी समेत कई बीमारियों के उपचार के लिए कोई पैकेज नहीं है। ऐसे में जरूरतमंद मरीजों को निजी अस्पतालों में मोटी रकम देकर उपचार कराना पड़ेगा।
अनुमान है कि ग्रामीण अंचल में 20 से 25 प्रतिशत महिलाओं में गर्भाशय की परेशानी आती है। ज्यादातर महिलाओं को आपरेशन की जरूरत पड़ती है, ऐसे में आयुष्मान कार्ड में इस बीमारी के आपरेशन के लिए पैकेज नहीं है। वहीं जिला अस्पताल धमतरी में गर्भाशय आपरेशन नहीं किया जाता है और कार्ड में भी उपचार की सुविधा नहीं है।
ऐसे में जरूरतमंद महिलाओं व उनके स्वजनों को निजी अस्पतालों में 25 से 40 से 50 हजार रुपये नकद देकर आपरेशन कराना पड़ रहा है। गर्भाशय आपरेशन का आयुष्मान कार्ड से पैकेज हटाने से जरूरतमंद परिवारों की दिक्कतें बढ़ गई है।
निजी अस्पताल नहीं कराते सामान्य प्रसव
सभी शासकीय अस्पतालों में सामान्य प्रसव की सुविधा है। जिला अस्पताल में सिजेरियन की सुविधा बताई गई है, ऐसे में शासन ने शासकीय अस्पतालों में यह सुविधा होने के कारण आयुष्मान कार्ड से इसका पैकेज हटा दिया है, ताकि अधिकांश का प्रसव शासकीय अस्पतालों में हो सके। जिला अस्पताल में रात में गंभीर प्रसव जाने पर सिजेरियन के लिए रिफर कर दिया जाता है।
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