देश का भविष्य बाजार में चख रहा चिखना, प्रशासन अवैध शराब बिक्री पर मौन

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Baikunthpur @ Tahkikat News

कभी कभी कुछ मंजर दिल दिमाग को हिला देते हैं। एैसा ही एक दृश्य कोरिया जिले के जिला मुख्यालय के बैकुन्ठपुर सब्जी मण्डी के समीप जूनापारा की ओर जाने वाले सडक पर देखने को मिला जब एक नौनिहाल शराब पीते अपने परिजन के साथ चखना चखते नजर आया। अजीब विंडबना है कि जिन नौनिहालों को स्कूल में जाकर शिक्षा ग्रहण कर भविष्य की बुनियाद रखनी है वे बच्चे अपने परिवार वालों के साथ सड़क पर ये सब िसख रहे हैं। विडंबना क्या हो सकती है जहां पर बुजुर्ग एवं युवा पीढ़ी के साथ-साथ भविष्य को भी शराब खोरी के दलदल में झोंकने का पूरी तरीके से प्रयास किया जा रहा है।

एक ओर जहां कांग्रेस की भूपेश सरकार छत्तीसगढ प्रदेश में शराबबंदी के वादे के साथ सत्ता में तो आ गई। किंतु शराबबंदी का वायदा चुनावी जुमला बन कर रह गया। वहीं पर दूसरी ओर कोरिया जिले में तमाम तरह के गैरकानूनी कारोबार पर अंकुश लगाने के लिए वर्तमान पुलिस अधीक्षक के द्वारा निजात अभियान चलाया जा रहा है इसके बावजूद जिले के जिला मुख्यालय बैकुंठपुर के के पुलिस अधीक्षक कार्यालय से महज 100 मीटर की दूरी पर सडक पर देसी शराब महुआ एवं कोसना की बिक्री करते हुए लोग प्रतिदिन नजर आ रहे हैं ।

बड़ी अजीब विडंबना है जहां एक ओर नशे के अवैध कारोबारियों के खिलाफ पुलिस अधीक्षक ने पूरे जिले में अभियान छेड़ रखा है। वहीं पर जिला मुख्यालय के बीचो बीच सरेआम जिस तरीके से ग्रामीण महिलाओं के द्वारा शराब की बिक्री की जा रही है उस ओर शायद पुलिस प्रशासन का ध्यान लगता है अब तक गया ही नहीं जा सका है।

डिब्बो में भर बेची जा रही शराब

प्रतिदिन 10 से 12 की तादाद में खुलेआम रिफाइन तेल के 16 लीटर के डिब्बे में भरी शराब और गिलास रखकर महिलाओं को बेचते देखा जा सकता है इनके ग्राहक भी बंधे हुए हैं और वह आते हैं जिसे महुआ की शराब पीने होती है उसे पीता है और जिसे कोसना लेना होता है वह उसके लिए कोसना पीता है। सडक पर आने जाने वाले लोगो का भी इनको भय नही है।

पहले भी कई बार हो चुकी है कार्यवाई

लगातार अवैध रूप से महुआ एवं चावल से निर्मित शराब की बिक्री पर सख्त प्रतिबंध के बावजूद इसका कारोबार जिला मुख्यालय में फल फूल रहा है। क्षेत्र के जिला मुख्यालय के आसपास कई गांव में महुआ शराब बनाने की भट्टी में संचालित हो रही है । इसके साथ ही कई घरों में चावल और कुछ जड़ी बूटियों से बने एक और देसी शराब कोसना का इन दिनों गांव के आसपास सहित विभिन्न हाट बाजारों में बिक्री करते हुए महिलाओं को देखा जा सकता है। पहले भी कोतवाली पुलिस के द्धारा इन पर कई बार कार्यवाई की जा चुकी है। एक बार तो 640 लीटर कोसना शराब को पुलिस ने हमारी ही खबर पर संज्ञान लेते हुए फेंक दिया था।

हर बाजार में उपलब्ध है ये शराब

ऐसी बात नहीं है कि इसकी बिक्री सिर्फ बैकुंठपुर के बाजार में हो रही है बल्कि कलेक्ट्रेट के बगल में प्रत्येक मंगलवार को लगने वाले छिनार बाजार में भी सरेआम इसकी बिक्री करते हुए महिलाओं को देखा जा सकता है वहीं पर चर्चा में रविवार को लगने वाले बाजार में भी इनको देखा जा सकता है तो शनिवार के दिन ऐसे ही शराब की बिक्री करते हुए पटना के बाजार में भी महिलाओं को लगातार देखा जा रहा है अब इन लोगों को सरेआम शराब बेचने से क्यों छूट दी गई है यह बात समझ से परे नजर आ रहा है बेहतर होता कि इन पर भी कार्रवाई कर लगातार निगरानी की जाती और समाज की इन इन अवैध कार्यों कार्यों पर अंकुश लगाने का प्रयास किया जाता

हर बाजार में उपलब्ध है कोसना

बैकुंठपुर के स्थानीय बाजार से निकलने वाली सड़क जूनापारा मार्ग पर 10 से 12 की तादाद में महिलाओं को 16 लीटर के रिफाइन तेल के डिब्बों में कोसना शराब एवं अन्य डिब्बो में छुपा कर रखी गई महुआ शराब बेचते हुए सरेआम देखा जा सकता है । इन अवैध कारोबारियों के प्रति दिन सैकड़ों की तादाद में ग्राहक भी फिक्स है जो आते हैं और तत्काल पैसा देते हैं खड़े-खड़े रोड पर ही घूंट मारते हैं ।

बिना डर भय के लगा रहे हैं बाजार

लगातार पुलिस विभाग चेतावनी दे रही है कि कोरिया जिले से अवैध कारोबारी या तो कारोबार छोड़ दें या जिला छोड़ दे। वहीं पर जिला मुख्यालय में जिस तरीके से प्रतिदिन फुटकर सब्जी भाजी दुकानदारों के बीच में इस तरीके की अवैध प्रतिबंधित शराब बेची जा रही है। लगता है शायद पुलिस की नजर इन कारोबारियों पर अब तक गई ही नहीं है या फिर स्थानीय पुलिस इन लोगों से अपनी नजर फेर ली है।

कभी भी महिलाएं हो सकती हैं शिकार

सरकार ने अवैध शराब पर इसलिए प्रतिबंध लगा रखा है किंतु जब लोग खुलेआम इस तरीके से शराब पिएंगे तो शराब पीने के उपरांत लोग मंदिर में घंटा बजाने तो नहीं जाएंगे । लगातार यह शिकायत आ रही है कि इस सड़क से चलने वाली महिलाओं एवं युवतियों का नशेड़ीओ ने चलना दूभर कर दिया है। सड़क पर चलने वाली महिला एवं युवतियों को इन नशेड़ीओं द्वारा कमेंट करें जाते हैं ।

गॉवो में हालात और भी बदतर

देखने में आ रहा की जिला मुख्यालय बैकुन्ठपुर के शहर के सभी वार्डो में इस तरह की देशी शराब बेचने वाले के नाम से लोगो को घर मिल जाता है। हर मोहल्ले में कई घरो शराब खोरी कराई जा रही है। एैसे लोगो पर भी पुलिस की जरुरत है। गॉवो की बात करें तो वहॉ पर खुलापन और भी अधिक है हर घर में सरकार की अनुमति से शराब बनाये जाते ही है दूसरी ओर उसी की मात्रा बढाकर उसे पीने के साथ साथ बेचने का कारोबार भी जमकर फल फूल रहा है। गॉवो में लोगो का कई विद्यालय के आस पास भी ऐसी शराब की बिक्री हो रही है। सड़क किनारे व चौक-चौराहों पर शराब की खुली बिक्री छोटे-मोटे आपराधिक घटनाओं का कारण भी बन रहा है।

शराब के दुष्परिणाम

गांव-गांव शराब बिक्री से आए दिन होने वाली वाहन दुर्घटनाएं यह साबित कर रही है कि 90 प्रतिशत वाहन चालक नशे की हालत में मिले हैं। गत दिनों मुख्य मार्ग पर हुए एक्सीडेंट का मामला हो या फिर बाइक चालक ने नशे की हालत में पीछे से मारने का मामला या फिर रोड पर बाइकें टकराने का मामला हो सभी में यह स्पष्ट रहा कि चालक शराब के नशे में धुत्त थे।

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