दोनो निकायो में शपथ ग्रहण की तैयारी, भाजपा कांग्रेस को पटखनी देने तैयार….डहरिया और संसदीय सचिव की प्रतिष्ठा दांव पर

Baikunthpur @ Tahkikat News

बैकुन्ठपुर और शिवपुर चरचा में शहर सरकार के मुखिया व सभापति को लेकर तस्वीर साफ हो जाएगी। प्रशासन ने शपथ ग्रहण की तैयारी शुरू कर दी है। शपथ ग्रहण व प्रथम सम्मेलन के साथ ही चुनावी आचार संहिता भी समाप्त हो जाएगी। उसके बाद निकायों में नेता प्रतिपक्ष की कवायद चलेगी। जिले के दो निकाय बैकुन्ठपुर तथा शिवपुर-चरचा नगर पालिका में शहर सरकार की कवायद चल रही है। दोनो ही निगम में कांग्रेस पूर्ण बहुमत में आ चुकी है, फिर भी खासी एहतियात बरती जा रही है। कांग्रेस के 19 व 1 निर्दलीय पार्षदों को घूम रही है।

साथ रहने से उम्मीदवारो में बढी दूरी

बताया जा रहा है कि यहां सिर्फ पार्षदों को एकजुट करके रखने के लिए जो काय्र किा गया था वह भी अब उल्टा पढने जा रह है। इसी का दावा प्रदेष के पूर्व मंत्री के द्धारा लगातार किया जा रहा है। अब देखनो हो गा कि उनके दावे में कितनी सच्चाई है। इस बात का फैसला 01 किन्तु पार्षदों में अध्यक्ष बनने की सनक ने समीकरण को उलट दिया है बताया जा रहा है कि पार्षदो को एकजुट रखने की कवायद ने आपसी प्रेम को लगभग समाप्त कर दिया है। यही कारण है कि क्रास वोटिंग के अनुमान ने भाजपा में जान फूक दिया है और भाजपा अब दोनो ही नगरिय निकायो में कुर्सी हथीयाने के सपने को पूरा करती नजर आ रही है।

कांग्रेस के रणनीतिकार भी पार्षदों के साथ

बताया जा रहा है कि बैकुन्ठपुर एवं षिवपुर चरचा के पार्षदों को तिकड़म से बचाने के लिए एक साथ बस्तर और रायपुर भ्रमण पर ले जाया गया था। वही पर कांग्रेस की आपसी फूट का नतिजा है कि कांग्रेसी बगावती पार्षदो के संभावना पर भाजपा किसी बड़े खेल की तैयारी में है।

शपथ ग्रहण के बाद अध्यक्ष व सभापति का चुनाव

01 जनवरी को दोनो निकायों के पार्षदों का शपथ ग्रहण होगा। उसके बाद पार्षद महापौर व सभापति का चयन करेंगे। पार्षदों के बहुमत के आधार पर अध्यक्ष, उपाध्यक्ष व सभापति का नाम पार्टी संगठन द्वारा तय किया जाएगा।

डहरिया और संसदीय सचिव की प्रतिष्ठा दांव पर

प्रदेश के नगरीय प्रशासन मंत्री व कोरिया जिले के दोनों ही नगरीय निकायों में कांग्रेस के चुनाव प्रभारी शिव डहरिया और स्थानीय विधायक व संसदीय सचिव अंबिका सिंह देव दोनों की ही प्रतिष्ठा बैकुन्ठपुर एवं शिवपुर चरचा के नगरी निकाय में कुर्सी पर अपने अध्यक्ष की कुर्सी पर बैठा पाती है या नही । शहर में विगत 1 सप्ताह से तरह-तरह की चर्चा का बाजार गर्म है इस दौरान यह भी कहा जा रहा है कि जिस प्रकार बीते दो-तीन जातिगत समीकरण के आधार पर कुर्सी हथियाने के लिए भाजपा व कांग्रेस दोनों ही दलों के लोगों ने एक स्वर में बात करना शुरू कर दिया था उसके बाद शहर भर में इस तरह की चर्चा का बाजार गर्म है । इसलिए यह देखना होगा कि अध्यक्ष पद की कुर्सी पर कांग्रेस अपने उम्मीदवार को बैठा पाती है या भाजपा कुर्सी हथियाने में कामयाब हो जाती है।

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