लोग कोरोना वायरस की महामारी से जूझ ही रहे थे कि अब ने दस्तक दे दी। लोग इन दो खतरनाक वायरस के खतरे से जूझ रहे थे कि अब मवेशियों और अन्य पशुओं को लेकर भी संक्रामक बीमारियों ने चिंता बढ़ा दी है। राजस्थान और गुजरात जैसे राज्यों में जहां लंपी स्किन डिजीज मवेशियों के लिए जानलेवा साबित हो रहा है, वहीं अब कोरिया जिले में भी पशुओं से संबंधित एक नई बीमारी ने दस्तक दे दी है।
कोरिया जिला मुख्यालय बैकुन्ठपुर पिछले 24 घंटों में स्थानीय अस्पतालों में 5 नए मरीज सामने आए हैं। जिसकी पुष्टि स्वास्थ्य विभाग ने कर दिया है। इनमें से सभी बैकुन्ठपुर के रहने वाले बताये जा रहे है जिसमें रामपुर, कंचनपुर, हरर्रापारा, नगर व पोडी के रहने वाले बताये जा रहे हैं। दूसरी ओर गंभीर विषय यह है कि 5 पॉजेटिवो में 4 नाबालिक हैं और 3 तो 5 साल से कम के बताये जा रहे हैं। जिले के सीएचएमओ डॉ रामेश्वर शर्मा ने बताया कि सभी पॉजेटिवो को होम आइसुलेसन में रखा गया है।
स्वाइन फ्लू के कारण, लक्षण और उपचार…
स्वाइन फ्लू एक तेजी से फैलने वाली संक्रामक बीमारी है जिससे बचने के लिए आपको इसके बारे में जानकारी होना बेहद आवश्यक है। यहां जानिए स्वाइन फ्लू के कारण लक्षण और उपचार –
जानिए रोग को –
- स्वाइन फ्लू एक तीव्र संक्रामक रोग है, जो एक विशिष्ट प्रकार के एंफ्लुएंजा वाइरस (एच-1 एन-1) के द्वारा होता है।
- प्रभावित व्यक्ति में सामान्य मौसमी सर्दी-जुकाम जैसे ही लक्षण होते हैं, जैसे –
’ नाक से पानी बहना या नाक बंद हो जाना।
’ गले में खराश।
’ सर्दी-खांसी।
’ बुखार।
’ सिरदर्द, शरीर दर्द, थकान, ठंड लगना, पेटदर्द।
’ कभी-कभी दस्त उल्टी आना। - कम उम्र के व्यक्तियों, छोटे बच्चों तथा गर्भवती महिलाओं को यह तीव्र रूप से प्रभावित करता है।
- इसका संक्रमण रोगी व्यक्ति के खांसने, छींकने आदि से निकली हुई द्रव की बूंदों से होता है। रोगी व्यक्ति मुंह या नाक पर हाथ रखने के पश्चात जिस भी वस्तु को छूता है, पुनरू उस संक्रमित वस्तु को स्वस्थ व्यक्ति द्वारा छूने से रोग का संक्रमण हो जाता है।
- संक्रमित होने के पश्चात 1 से 7 दिन के अंदर लक्षण उत्पन्न हो जाते हैं।
किसको अधिक संभावना
कमजोर व्यक्ति, बच्चे, गर्भवती महिलाएं, वृद्धजन एवं जीर्ण रोगों से ग्रसित व्यक्ति।
बचाव कीजिए –
- खांसी, जुकाम, बुखार के रोगी दूर रहें।
- आंख, नाक, मुंह को छूने के बाद किसी अन्य वस्तु को न छुएं व हाथों को साबुन/ एंटीसेप्टिक द्रव से धोकर साफ करें।
- खांसते, छींकते समय मुंह व नाक पर कपड़ा रखें।
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