Baikunthpur @ Tahkikat News
बैकुंठपुर एसडीएम ने गैरकानूनी कृत्य करने के आरोप में खबर छपने के बाद कार्रवाई करते हुए पटवारी हल्का क्रमांक 5 की पटवारी वंदना कूजूर को सरकारी कामों में घोर लापरवाही बरतने के कारण छत्तीसगढ़ सिविल सेवा वर्गीकरण नियंत्रण तथा अपील नियम 1966 के नियम 09, 1 के तहत तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया है। निलंबन अवधि के दौरान उन्हें शासन के नियमानुसार जीवन निर्वाह भत्ता देय होगा । यह आदेश तत्काल प्रभाव से लागू कर दिया गया है । इससे पूर्व तहसीलदार बैकुंठपुर के द्वारा गत दिनों छत्तीसगढ़ सिविल सेवा आचरण नियम 1965 के नियम 03 के विपरीत होकर कार्य करने पर नोटिस जारी किया गया था ।
पटवारी पर लगे आरोपों में कहा गया था कि ग्राम मंडलपारा में उनके द्वारा शासकीय नहर की भूमि को अपने निजी स्वार्थ के कारण कुछ लोगों के नाम पर नामांतरण कर दिया गया । अब देखना है कि इस कार्रवाई के उपरांत राजस्व कूजूर इकलौती पटवारी नहीं है जो इस तरीके के कृत्यों में शामिल हो बल्कि शहर के अंदर कई गिरोह चल रहा है जो पहले पटवारियों को फंडिंग करता है उसके बाद गलत काम करने के लिए तमाम प्रकार के प्रलोभन एवं गिफ्ट पैकेट पहुंचाए जाते हैं । बेहतर होता कि इस तरीके के कार्य करने वाले परदे के पीछे इन दलालों पर भी जिला प्रशासन कड़ी से कडी कार्रवाई करें। तभी जाकर इन पर रोक लगेगी। वही पर सुनने में आ रहा है कि निलंबन के खिलाफ इन दलालों की टोली कलेक्टर कोरिया के समक्ष कार्रवाई के विरुद्ध जुगाड़ लगाने पहुंच गई।
गौरतलब हो कि मुख्यमंत्री भूपेश बघेल के मंषा के विपरित जिले में लगातार राजस्व प्रकरणों में घोर अनियमितता एवं लापरवाही बरतने की खबरे आती रहती है। प्रदेश भर में सरकार ने इस पर सख्त रुख अपनाते हुए कड़ी से कड़ी कार्रवाई करने के निर्देश दिए हैं एवं बटवारा व नामांतरण के प्रकरणों में गति लाने व समय सीमा में करने के आदेश दिए हैं । वहीं पर विगत वर्षों से जमे हुए पटवारियों एवं राजस्व विभाग के अन्य अधिकारियों पर तबादले के भी आदेश दिए गए । किंतु बैकुंठपुर में लगातार यह देखा जा रहा है कि दशकों से जमे हुए पटवारियों पर कोई कार्यवाही नहीं हो रही है अब यह देखना होगा कि जिला प्रशासन शासन के आदेश पर कब तक अमल करता है ।
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