यू लाईफ हेल्थ एण्ड एजुकेशन सोसायटी द्वारा संचालित न्यू लाईफ इंस्टीट्यूट आफ नर्सिंग के छात्र-छात्राओं द्वारा विश्व तम्बाकू निशेध दिवस पर कॉलेज परिसर में नाटक का आयोजन किया गया। इस वर्ष डब्लू.एच.ओ. द्वारा विष्व तम्बाकू निषेध दिवस का थिम ‘‘हमें भोजन की आवश्यकता है, तम्बाकू की नहीं‘‘ है। इसका उद्देश्य तम्बाकू किसानों के लिए वैकल्पिक फसल उत्पादन के अवसरों के बारे में जागरूकता बढ़ाना और उन्हें टिकाऊ, पौष्टिक फसलें उगाने के लिए प्रोत्साहित करना है।
नर्सिंग के छात्र-छात्राओं द्वारा नाटक के माध्यम से यह बताया गया कि किसानों को तम्बाकू की खेती नहीं करनी चाहिए एवं तम्बाकू के सेवन से होने वाली कैंसर जैसे मुंह, गला, आहार नली, फेफड़ा, आमाशय, लीवर, किडनी एवं मस्तिष्क का कैंसर, साथ ही तम्बाकू के सेवन से मानसिक रोग, नपुंसकता, दिल की बिमारी, पेट में अल्सर व अनिंद्रा बिमारी के बारे में बताया गया। साथ ही छात्राओं ने अपने प्रदर्षन में किसानों को तम्बाकू उगाने से रोकने के लिए सरकारों से कड़े कदम उठाने का आग्रह किया यह तम्बाकू उत्पादकों के उपयोग को हतोत्साहित करने जैसे महत्वपूर्ण बातों के बारे में बताया गया।
पी.पी.टी. थीम के उद्देश्य पर डाला प्रकाश
ग्लोबल एडल्ट टोबैको सर्वे इंडिया 2016-17 के अनुसार, भारत में लगभग 267 मिलियन वयस्क (15 वर्ष और उससे अधिक) सभी वयस्कों का 29 प्रतिषत तम्बाकू का उपयोग करते हैं, भारत में तम्बाकू का उपयोग का सबसे आम रूप धुआं रहित तम्बाकू है और आमतौर पर इस्तेमाल किए जाने वाले उत्पाद खैनी, गुटखा तम्बाकू के साथ सुपारी और जर्दा है, इस्तेमाल किए जाने वाले तम्बाकू के धुम्रपान रूपों में बीड़ी, सिगरेट और हुक्का शामिल है।
तम्बाकू न केवल उन्हें उगाने वाले किसानों सहित व्यक्तियो ंके स्वास्थ्य को प्रभावित करता है, बल्कि इससे वनों की कटाई भी होती है, विष्व स्वास्थ्य संगठन के अनुसार, दुनिया भर में 3.5 मिलियन हेक्टेयर भूमि हर साल तम्बाकू उगाने के लिए परिवर्तित की जाती है, जिससे प्रति वर्ष 200,000 हेक्टेयर वनों की कटाई होती है। विश्व तम्बाकू निषेध दिवस के इस पूरे कार्यक्रम का आयोजन प्राचार्या डॉ. अंजना सेम्युएल के मार्गदर्शन में नर्सिंग फैकल्टी संगीता चिकनजुरी व प्रियंका पाठक के नेतृत्व में किया गया।
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