भरतपुर सोनहत विधानसभा के पूर्व विधायक गुलाब कमरो ने प्रदेश के मुख्यमंत्री पर गलत बयानबाजी का आरोप लगाते हुए कहा कि मुख्यमंत्री तो अभी से झूठ बोलना शुरु कर दिए। उन्होने कहा कि जब मुख्यमंत्री से पत्रकारों ने सवाल पूछा तो हसदेव वन क्षेत्र की कटाई पर उन्होने आसानी से कह दिया कांग्रेस के सरकार के समय आदेश दिया गया था। जबकि सच्चाई यह है कि केंद्र सरकार ने आदेश दिया था जिसके विरुद्ध छत्तीसगढ़ की कांग्रेस सरकार ने विधानसभा में प्रस्ताव पारित कर हसदेव कटाई पर रोक लगा दिया और केंद्र सरकार को अनुरोध भी किया था कि इस पर रोक लगाया जाये। अफसोस आज छत्तीसगढ़ में भाजपा की सरकार है और केंद्र में भी भाजपा की सरकार है और हसदेव का जंगल फिर से उजड़ रहा है। क्या इसे रोकने में छत्तीसगढ़िया इतना असमर्थ है।
पूर्व विधायक ने बताया कि 31/10/2022 को छत्तीसगढ़ शासन के वन एवं जलवायु परिवर्तन विभाग के अवर सचिव के.पी. राजपूत के पत्र का हवाला देते हुए कहा है कि हमारी सरकार के द्वारा वन महानिरीक्षक भारत सरकार पर्यावरण वन एवं जलवायु परिवर्तन मंत्रालय को आवेदनकर्ता राजस्थान राज्य विद्युत उत्पादन निगम लिमिटेड जयपुर का पारस ओपन कास्ट कोल माइंस जिसका रकबा 841.548 हेक्टर वन भूमि से कोयला उत्खनन के गैर वानकी कार्य हेतु वन कानून 1980 अंतर्गत व्यापवर्तन प्रस्ताव निरस्त करने के संबंध में पत्र दिया गया था। केंद्र को लिखे पत्र में अवर सचिव छत्तीसगढ़ के द्वारा हरदेव अभ्यारण कोल्ड फील्ड में व्यापक जन विरोध के कारण कानून व्यवस्था की स्थिति निर्मित होने के कारण व्यापक जन्म विरोध कानून व्यवस्था एवं व्यापक लोकहित को दृष्टिगत रखते हुए पारस खुली खदान परियोजना में संदर्भित पत्र के माध्यम से वन भूमि व्यापवर्तन स्वीकृति को निरस्त करने की कार्रवाई किया जाये।
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