जिले में एक बार फिर से कोरोना मामला सामाना आया जिससे जिले के स्वासथ्य महकमा के साथ लोगो में भी डर नजर आ रहा है। लगभग एक साल बाद कोरिया में कोविड केस सामने आया। वहीं कोरोना के इस नए वैरिएंट जेएन 1 के मामलों में पूरे प्रदेश में फैलता नजर आ रहा है। विभाग के अधिकरियो की माने तो इस समय कोरोना का सबसे ज्यादा असर दक्षिण भारत के राज्यों में देखने को मिल रहा है। हालांकि अब कोरिया में भी नए वैरिएंट जेएन 1 का एक केस सामने आ चुका है। एक्सपर्ट्स लोगों को पैनिक न करने की सलाह दे रहे हैं। डॉक्टरों का कहना है कि कोरोना का नया वैरिएंट बहुत माइल्ड है। ज्यादातर मरीजों को अस्पताल में भर्ती करने की जरूरत नहीं है। लेकिन बदलते मौसम के बीच बढ़ रहे कोविड केस से लोगों की चिंता जरूर बढ़ गई है।
जिले में मिले पहले मामले को होम कोरंटिन में रखा गया है एवं जिले के बडे अधिकारी बताये जा रहे हैं। कोरोना के बढ़ते मामलों को लेकर हेल्थ एक्सपर्ट्स पैनिक न करने की सलाह दे रहे हैं। एक्सपर्ट्स का कहना है कि पूरे देश में कोरोना के मामलों में इजाफा इसलिए देखा जा रहा है, क्योंकि फिर से कोविड जांच की संख्या बढ़ा दी गई है। इसलिए पैनिक होने की जरूरत नहीं है। क्योंकि संख्या जितनी भी बढ़ जाए, इस वेरिएंट में गंभीर बीमारी की क्षमता नहीं देखी जा रही है। जिले के मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी डॉ. आर एस सेंगर का कहना है कि सर्दी के दिनों में वैसे भी बाकी वायरस एक्टिव हो जाते हैं। इसलिए अलर्ट रहना चाहिए, बचाव के तरीके अपनाने चाहिए। उन्होने बताया कि बैकुन्ठपुर के कोविड अस्पताल में 93 बेड और चरचा में 50 बिस्तर का कोविड अस्पताल इस समय पूरी तरह से तैयार है। बीते दिनो विभाग के द्धारा इसकी तैयारियो का जायजा लिया गया है।
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