संभावित लगा रहे दिल्ली की दौड………फिट कर रहे अपने-अपने जुगाड़
कोरबा लोकसभा क्षेत्र का हिस्सा कोरिया से लेकर दिल्ली तक लोकसभा चुनाव की सरगर्मी बढ़ चुकी है। भारतीय जनता पार्टी में लोक सभा चुनाव 2024 को लेकर तैयारियों के साथ टिकट की रस्साकशी तेज हो गई है। इसके लिए कोरिया और कोरबा से आधा दर्जन ऐसे दावेदार हैं, जो अपने अपने जुगत में लगे हुए हैं। भाजपा की हारी हुई सीटो पर पखवाडे भर के भीतर टिकट की घोषणा के कयास तेज हो चले हैं। चुनाव आयोग और राजनैतिक दोनो ही प्रमुख दल जल्द ही अपने अपने उम्मीदवारों के नामो का ऐलान कर सकते है। लोकसभा चुनाव से पहले छत्तीसगढ़ की कोरबा लोकसभा सीट सबसे ज्यादा चर्चा में बनी हुई है क्योंकि कोरबा सीट कांग्रेस के कब्जे में हैं और इस सीट पर प्रदेश के नेता प्रतिपक्ष चरणदास महंत की धर्मपत्नी कांग्रेस से सांसद है। ऐसे में बीजेपी का इस बार कोरबा सीट पर सबसे ज्यादा फोकस है। राम नाम की लहर पर सवार भाजपा ने इस बार छत्तीसगढ की सभी 11 सीटें जीत का लक्ष्य रखा है।
वर्तमान में भाजपा का केन्द्रीय नेतृत्व जिस प्रकार से फैसले कर रहा है उसमें कोई नया फ्रेस चेहरे को इस बार मैंदान में उतार सकती है। कोरबा लोकसभा कभी भी अपना सांसद रिपीट नही करने की आदत रही है। इस सीट पर अनुसूचित जनजाति के मतदाता निर्णायक भूमिका में रहते है। कोरबा लोकसभा में 8 विधानसभा सीटें आती है। कोरबा लोकसभा सीट पर अब तक तीन चुनाव हो चुके है। जिनमें से एक बार बीजेपी और दो बार कांग्रेस जीतने में कामयाब रही।


भाजपा से ये हो सकते हैं दावेदार

कोरबा लोकसभा सीट से बीजेपी की ओर से दावेदारों की लंबी लाईन है, लेकिन बीजेपी से विकास महतो का नाम चल रहा है जबकि मोदी लहर के बावजूद विकास महतो 2019 का चुनाव हार गये। भाजपा से दूसरे दावेदार में जागेश लांबा का नाम भी चर्चा में बना हुआ है। वे महापौर भी रह चुके है। साल 2013 में वह भाजपा के टिकट पर विधानसभा का चुनाव हार गए थे। इसके अलावा इस बार कोरिया जिले से भी टिकट मिलने की बात जानकार कह रहे हैं कोरिया जिले से भाजपा किसान मोर्चा के प्रदेश कार्यकारणी सदस्य और गौ सेवक रेवा यादव के नाम भी भीतरखाने में चलने की खबरे जानकार बता रहे हैं। कोरिया की जनमानस की मांग रही है कि इस बार लोकसभा में कोरिया जिले को प्रतिनिघित्व मिलना चाहिए। जिसे लोकसभा की 40 फिसद मतदाताओ की वाजिब मांग भी कहा जा सकता है। वर्तमान कार्यशैली और मोदीमय भाजपा को जिस तरह से रामनाम पर देश की जनमानस का समर्थन मिल रहा है उसे देखते हुए इस बात से इंकार नही किया जा सकता है। कि भाजपा निचले तपके से आने वाले एक युवा नेता के नाम पर अपनी मुहर लगा दें।

कांग्रेस से हो सकते हैं उम्मीदवार

बीजेपी के बाद कांग्रेस की बात करे तो कांग्रेस से मौजूदा संासद ज्योत्सना महंत को फिर से मौका दिया जा सकता है। इसके अलावा नेता प्रतिपक्ष चरणदास महंत को भी कांग्रेस प्रत्याशी बना सकती है। चरणदास महंत कोरबा से सांसद रह चुके है। 2009 में चरणदास महंत क्षेत्र से सांसद रह चुके हैं।

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